राजस्थान: भारी बारिश से 5 की मौत, जालोर और सांचौर में स्कूलों की छुट्टी, 3 जिलों में रेड अलर्ट
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में काफी समय से सुस्त पड़ा रहा मानसून तीन दिन से सक्रिय है। विभिन्न जिलों में हो रही तेज बारिश से प्रदेश के 5 बड़े बांध ओवर फ्लो हो गए हैं। वहीं, 10 से ज्यादा जिलों में फसलें चौपट हो गई हैं। आज सुबह 8 बजे तक बांसवाड़ा में सबसे ज्यादा साढ़े 7 इंच तक बारिश हो चुकी है। यहां बारिश के चलते हुए हादसों में 5 लोगों की मौत भी हो गई।
इधर, मौसम विभाग ने आज के लिए 6 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ओरेंज अलर्ट जारी किया था। इसका असर भी दिखाई दिया। जालोर और सांचौर के स्कूलों में सोमवार की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, डूंगरपुर का बेणेश्वर धाम माही डेम के गेट खोलने के बाद टापू बन गया है। यहां मौजूद 50 लोग रास्ता बंद होने से फंस गए। पिछले 24 घंटे से माउंट आबू में लगातार बारिश हो रही है। यहां शनिवार सुबह से अब तक 6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है।
4 इंच तक बारिश, बांधों के गेट खोले
बंगााल की खाड़ी से आए वेदर सिस्टम के कारण बीते 24 घंटे में 29 जिलों में बारिश हुई। इनमें से 8 ऐसे जिले हैं, जहां 2 से 4 इंच या उससे ज्यादा पानी बरसा। तेज बारिश के कारण नदियों और बांधों में जलस्तर बढ़ने से माही बजाज, जवाई, कालीसिंध, सोमकमला और कोटा बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई है।
पिछले 24 घंटे में अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर और बीकानेर में बारिश हुई।झालावाड़ में अच्छी बारिश से छापी बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। बांध के 2 गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

उदयपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, नागौर, झालावाड़, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा में 50 से लेकर 95 MM तक बरसात हुई। बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले में पिछले दो दिन से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण माही और सोम कमला नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे इन पर बने बांधों में पानी की आवक बढ़ गई। इसे देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को माही बजाज के 16 गेट और सोमकमला आंबा बांध के 2 गेट खोलकर पानी की निकासी की।
इधर, झालावाड़ और मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण कालीसिंध नदी में भी पानी तेज आना शुरू हो गया, जिसके बाद कालीसिंध बांध के 4 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके अलावा जवाई बांध के 2 गेट और कोटा बैराज का एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
अगस्त में मानसून के सुस्त होने से इस साल बारिश के कम होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सितम्बर में हुई अच्छी बरसात से नदी-बांधों में फिर से पानी की आवक हो रही है।

बांसवाड़ा के माही डैम के सभी 16 गेट खोलने के 12 घंटे बाद डूंगरपुर का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बेणेश्वर धाम टापू बन गया। बेणेश्वर धाम जाने वाले रास्तों पर बने साबला, वालाई और बांसवाड़ा पुल पर पानी बह रहा है। धाम पर मंदिर के पुजारी, पुलिसकर्मी, स्थानीय व्यापारी सहित 50 लोग मौजूद हैं। हालांकि ये सभी लोग सुरक्षित हैं । इनके ठहरने, खाने-पीने की सभी व्यवस्थाएं धाम पर मौजूद हैं।
प्रतापगढ़ से बांसवाड़ा जाने वाला एनएच 56 भी पानी के बहाव के चलते कल रात बंद रहा। बांध के गेट खोले जाने से माही नदी उफान पर है। इसका सबसे ज्यादा असर पीपलखूंट क्षेत्र में देखने को मिला है।
बांसवाड़ा में बारिश से 5 मौत, 9 कच्चे मकान गिरे
बांसवाड़ा में बारिश के चलते हुए औहादसों में 5 लोगों की मौत हो गई। यहां नाले में बहने से 3और मकान गिरने से 2 लोगों की मौत हुई है। लगातार बारिश के चलते कुशलगढ़ में 7, आनंदपुरी में 1 और अरथूना में 1 कच्चा मकान गिर गया। बारिश के चलते कई रास्ते भी बंद हैं। डूंगरपुर से बांसवाड़ा को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर बने लसाड़ा पुल पर भी ज्यादा पानी बह रहा है, जिसके कारण हाईवे बंद हो गया है। जयपुर-बांसवाड़ा हाईवे भी बंद है।
इन लोगों की हुई मौत कच्चा मकान गिरने से संतू भील पत्नी पूजा भील निवासी आनंदपुरी, सुकण पुत्र दिनेश लबाना निवासी सज्जनगढ़ की मौत हो गई। वहीं नाले में बहने से कुशलगढ़ निवासी कला पुत्र नाथू कटारा, अमरसिंह पुत्र हवा सिंह और ग्राम पंचायत डूंगरीपाड़ा के सरपंच दिनेश की मौत हो गई।

इसलिए हो रही है भारी बारिश
मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक लो-प्रेशर सिस्टम आगे बढ़कर वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो गया। ये सिस्टम वर्तमान में मध्य प्रदेश की सीमा पर एक्टिव है। वहीं वेस्टर्न विंड भी अभी कमजोर हो गई है, जिसके कारण ये सिस्टम लगातार बंगाल की खाड़ी से आगे निकलकर ओडिसा, छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य प्रदेश तक आ गया है और आगे बढ़कर गुजरात सीमा तक आने की संभावना है। ये सिस्टम इतना प्रभावशाली है कि इसके असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान के दक्षिणी हिस्से, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से और गुजरात के जिलों में भारी बारिश हो रही है।
डूंगरपुर से बांसवाड़ा को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर बने लसाड़ा पुल पर भी ज्यादा पानी बह रहा है, जिसके कारण हाईवे बंद हो गया है। पुल के दोनों तरफ गाड़ियों की लाइनें लग गई हैं।
तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आया
दक्षिणी राजस्थान के जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण यहां दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने लगा है। शनिवार को उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा में दिन का अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इधर, जोधपुर, चूरू, जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी में भी दिन का तापमान 2 से लेकर 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
आगे इन जिलों में होगी भारी बारिश
इसी सिस्टम के कारण आज बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसी तरह चित्तौड़गढ़, सिरोही और उदयपुर में भी इस सिस्टम के असर के कारण भारी बारिश हो सकती है, जिसके कारण इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
18 सितम्बर को पाली, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही, जालोर, बाड़मेर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, जोधपुर, जैसलमेर में येलो अलर्ट जारी किया है। 19 सितम्बर को जोधपुर, जैसलमेर, पाली में येलो और बाड़मेर, जालोर, सिरोही में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
