मानहानि केस में सीएम गहलोत को बड़ा झटका, आरोप मुक्त करने की याचिका खारिज, अब 25 सितम्बर को सुनवाई
एनसीआई@नई दिल्ली
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की ओर से दायर किए गए मानहानि के केस में सीएम अशोक गहलोत को तगड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को गहलोत के उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आरोप मुक्त करने की अपील की थी।
सीएम अशोक गहलोत ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा था कि पिछली 3 सुनवाई से शिकायतकर्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहा है, ऐसे में कानून के तहत कोर्ट मुझे आरोप मुक्त करे। गहलोत के प्रार्थना पत्र पर 14 सितम्बर को कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए गहलोत के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। ऐसे में अब गहलोत पर आगे भी मानहानि का यह मुकदमा चलता रहेगा। अब 25 सितम्बर को मामले की अगली सुनवाई होगी।
शेखावत ने दायर किया था मानहानि का केस
दरअसल, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सीएम अशोक गहलोत की ओर से संजीवनी घोटाले में उन्हें और उनके परिवार को आरोपी बताने पर मानहानि का दावा किया था। इस पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 जुलाई को सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ समन जारी किया। इसके खिलाफ गहलोत ने सेशन कोर्ट में रिवीजन फाइल की थी, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली थी। रिवीजन कोर्ट ने सीएम गहलोत को केवल वीसी के जरिए पेश होने की छूट दी थी।
सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि संजीवनी घोटाले में गजेन्द्र सिंह, उनके मां-बाप और पत्नी सहित पूरा परिवार शामिल है। इसके बाद गजेंद्र सिंह ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
गहलोत ने कहा-एसओजी ने जो बताया वो बोला
रिवीजन कोर्ट में 1 अगस्त 2023 को सुनवाई के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि मेरे पास गृह विभाग भी है। गृहमंत्री होने के नाते एसओजी मुझे रिपोर्ट करती है। एसओजी ने केस को लेकर मुझे जो जानकारी दी, उसे मीडिया के साथ साझा किया। एसओजी को मिली शिकायत में गजेन्द्र सिंह के परिवार का नाम भी है।
वहीं गजेन्द्र सिंह शेखावत के वकीलों ने बहस करते हुए कहा था कि हमारा किसी भी शिकायत में नाम नहीं था। मानहानि का केस दर्ज होने के बाद एसओजी ने इस मामले में कथित तथ्य जुटाए।
करीब 6 महीने पहले गहलोत ने दिया था बयान
दरअसल, गहलोत ने 21 फरवरी को सचिवालय में बजट की समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि संजीवनी घोटाले में गजेन्द्र सिंह के मां-बाप, पत्नी सहित पूरा परिवार शामिल है। इस घटना से पहले भी दोनों नेताओं के बीच लगातार बयानबाजी होती आई है। करीब 5 माह पहले केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया था। गजेन्द्र सिंह ने संजीवनी घोटाले में उनके परिवार के बारे में दिए गए अशोक गहलोत के बयान को आधार बनाया था।
केस को लेकर गहलोत ने कहा था-स्वागत है
मानहानि केस को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने भी केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह पर हमला बोला था। गहलोत ने कहा था कि पूरा घोटाला कागजों पर है। गजेन्द्र सिंह के मानहानि केस का स्वागत है। कम से कम इस बहाने केस आगे तो बढ़ेगा। उन्होंने पीएम मोदी को सम्बोधित करते हुए कहा था कि उन्हें गजेन्द्र सिंह को अपने मंत्रिमंडल से हटाना चाहिए।
