युवती का सनसनीखेज आरोप: तीन चाचा 12 साल तक करते रहे दुष्कर्म, माता-पिता को बताया तो डांट कर चुप करा दिया, अब पति के साथ पहुंची पुलिस के पास
एनसीआई@अजमेर
मैं जब 8 साल की थी, तब ही से मेरे अंकल (चाचा) मुझसे छेड़छाड़ करने लगे थे। उस वक्त मुझे समझ नहीं होने के कारण मैं यह सहती रही। इससे उनकी हिम्मत बढ़ी तो उन्होंने कई बार मेरे साथ रेप किया। उन्होंने मेरे 2 और अंकल को इसमें शामिल कर लिया। तीनों ने 12 साल के दौरान मुझसे कई बार रेप किया। मैं जब करीब 13 साल की थी तो माता-पिता को यह बात बताई। मगर उन्होंने इसमें मेरी ही गलती बता कर चुप रहने को कहा। अब मैं अपने अपने साथ हुई इन ज्यादतियों की रिपोर्ट दर्ज कराने पति को साथ लेकर आई हूं। पीड़िता ने 23 अक्टूबर, सोमवार को शहर के क्रिश्चियन गंज थाने में यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी इसकी उम्र 20 साल है।
सीओ नेमीचंद शर्मा ने बताया कि पीड़िता यहां अपने पति के साथ पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले के तीन आरोपी हैं और तीनों ही रिश्ते में उसके चाचा लगते हैं। पुलिस ने गैंगरेप सहित पॉक्सो की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया है कि 12 साल के दौरान उसके अंकल ने अपने दो और भाइयों के साथ मिलकर छेड़छाड़ और रेप की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब वो 12-13 साल की थी तब उसने इन घटनाओं का जिक्र अपने पेरेंट्स से भी किया। पर उन्होंने डांट कर चुप करा दिया।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता ने रिपोर्ट में लिखा- वह जब 8 साल की थी, तब सन 2011 के करीब से लेकर 2021 तक मेरे अंकल ने दर्जनों बार छेड़खानी की और जब भी मौका मिलता तब उन्होंने मेरा रेप किया। मुझे उस समय समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। वो मेरे नाबालिग होने का फायदा उठाकर मेरे साथ जबरदस्ती जो मन में आता वो करते थे।
दम घुटने लगा तो भाग कर आई राजसमंद
रिपोर्ट में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे इस घटना का जिक्र अपने माता-पिता से भी किया था, लेकिन उन्होंने उसे डांटकर चुप करा दिया। कहा-चुप रह, सब तेरी गलती है। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि उस वक्त मेरे साथ कोई नहीं था। बिलकुल अकेली और डरी हुई रहती थी। इसके बाद 2022 में मैंने यह बात मेरे बेस्ट फ्रेंड को बताई, तो उन्होंने मुझे संभाला और शादी करने का ऑफर दिया। कहा- हम आरोपियों को जरूर सजा दिलवाएंगे। मेरा अपने ही परिवार में दम घुटने लगा था और मैं अपने फ्रेंड के साथ भागकर राजसमंद आ गई और शादी कर ली।
देरी से रिपोर्ट के लिए माफी मांगी, कहा- मेरी हार मत होने दीजिएगा
पीड़िता ने रिपोर्ट में लिखा-मैं एक उम्मीद की किरण लेकर आपके पास आई हूं। इस घटना का मेरे पास कोई ठोस सबूत नहीं है। तब मैं नाबालिग थी। पर मेरे घर वालों और माता-पिता को यह सब बातें मालूम है। मैं पुलिस से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि मुझे इंसाफ दिलाया जाए। आरोपियों को जो भी हो सके वो सजा दिलाई जाए। मुझे कानून पर पूरा विश्वास है कि वो मेरा साथ देंगे। मुझे इंसाफ नहीं मिलता है तो इसमें आरोपियों की जीत होगी और कहीं ना कहीं आपके पुलिस डिपार्टमेंट और मेरी हार होगी। रिपोर्ट में देरी के लिए मुझे माफ कीजिएगा लेकिन, मैंने जो भी लिखा वह सच है।
