भारत में कल इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल की टाइमिंग और सावधानियां
भारत में 28 अक्टूबर की रात चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिषविदों का कहना है कि चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर की कात 11 बजकर 30 मिनट पर आरंभ हो जाएगा और इसका समापन देर रात 3 बजकर 56 मिनट पर होगा। चंद्र ग्रहण का 01 बजकर 05 मिनट पर स्पर्श, रात 01 बजकर 44 मिनट पर मध्य काल और इसका मोक्ष रात्रि 02 बजकर 24 मिनट पर होगा।
एनसीआई@नई दिल्ली
भारत में 28 अक्टूबर को यानी कल चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह चंद्र ग्रहण देश के सभी राज्यों में दिखाई देगा। वैसे तो चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसे ज्योतिषविदों के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वैसे भी चंद्र ग्रहण 30 साल बाद शरद पूर्णिमा के संयोग में लग रहा है। आइए जानते हैं कि भारत में यह चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा और इसमें सूतक काल के क्या मायने हैं।
भारत में कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण?
ज्योतिषविदों का कहना है कि चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर की रात 11 बजकर 30 मिनट पर आरम्भ हो जाएगा और इसका समापन देर रात 3 बजकर 56 मिनट पर होगा। चंद्र ग्रहण का 01 बजकर 05 मिनट पर स्पर्श, रात 01 बजकर 44 मिनट पर मध्य काल और इसका मोक्ष रात्रि 02 बजकर 24 मिनट पर होगा। इस अवधि में ग्रहण काल का प्रभाव सबसे ज्यादा होगा। कुल मिलाकर इस चंद्र ग्रहण की अवधि 4 घंटे 24 मिनट की होगी।
भारत सहित इन देशों में दिखेगा चंद्र ग्रहण
शनिवार, 28 अक्टूबर को लगने वाला खंडग्रास चंद्र ग्रहण भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी प्रशांत महासागर और रूस के पूर्वी भाग में दिखाई होगा। चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंत ब्राजील के पूर्वी भाग और कनाडा व उत्तर और दक्षिण अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा।
कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण का सूतक काल?
शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, जिसमें कई शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल 28 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 05 मिनट पर लग जाएगा। इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं। सूतक काल में भगवान की पूजा या उनकी प्रतिमाओं को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण का राशियों पर असर
यह चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगने वाला है। ऐसे में ग्रहण का अच्छा, बुरा असर दूसरी राशि के जातकों पर भी होगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस चंद्र ग्रहण से मिथुन, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को लाभ होगा। वहीं वृषभ, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
चंद्र ग्रहण और सूतक काल में क्या न करें?
1. चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिर में पूजा-पाठ न करें। देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करें।
2. सूतक काल लगने के बाद घर में भोजन न पकाएं। बल्कि सूतक काल से पहले घर में रखे खाने में तुलसी के पत्ते जरूर डाल दें।
3. चंद्र ग्रहण की अवधि में भोजन ग्रहण न करें। इस दौरान क्रोध न करें। इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव अगले 15 दिनों तक रह सकता है।
4. चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी सुनसान जगह या श्मशान भूमि के पास नहीं जाना चाहिए। इस दौरान नकारात्मक शक्तियां काफी ज्यादा हावी रहती हैं।
5. सूतक काल शुरू होने के बाद नए या शुभ काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। कहते हैं कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है।
6. चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने के बाद तुलसी के पौधे को न छुएं। नुकीले या धारदार उपकरणों के प्रयोग से भी बचें।
चंद्र ग्रहण में क्या करें?
1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है।
2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए।
3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए। ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है।
4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।
