April 25, 2026

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राजस्थान: अशोक गहलोत ने 5 गारंटियां और दीं, 2 रुपए में गोबर खरीदेगी कांग्रेस सरकार, जानें मुख्यमंत्री ने और क्या घोषणाएं कीं, साथ ही जानें उनकी जमीनी हकीकत

राजस्थान: अशोक गहलोत ने 5 गारंटियां और दीं, 2 रुपए में गोबर खरीदेगी कांग्रेस सरकार, जानें मुख्यमंत्री ने और क्या घोषणाएं कीं, साथ ही जानें उनकी जमीनी हकीकत

एनसीआई@जयपुर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार को दोहराने की मशक्कत के क्रम में शुक्रवार को पांच और गारंटियां दे दीं हैं। इन गारंटियों अर्थात योजनाओं में गौधन योजना, फ्री लेपटॉप-टेबलेट योजना, प्राकृतिक आपदा राहत योजना, अंग्रेजी मीडिया शिक्षा और ओपीएस शामिल हैं। अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार रिपीट हुई तो इनका फायदा मिलेगा।

चुनाव से पहले राजस्थान की कांग्रेस सरकार गारंटी पर गारंटी दिए जा रही है। पहले 10 सरकारी योजनाओं का लाभ हर परिवार को देने की गारंटी दी गई थी। दो दिन पहले झुंझुनूं में प्रियंका गांधी की रैली में गहलोत ने दो गारंटियों की घोषणा कर दी थी। इनमें 1 करोड़ से ज्यादा परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेंडर और हर परिवार की महिला मुखिया को सालाना 10 हजार रुपए देने की गारंटी दी गई थी। इसी क्रम को जारी रखते हुए अब कांग्रेस की ओर से 5 और गारंटियों की घोषणा सीएम अशोक गहलोत ने की है। जनता से वादा किया गया है कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार फिर से रिपीट हुई तो इन पांचों गारंटियों का लाभ हर परिवार को मिलेगा।

ये 5 गारंटियां दीं गहलोत ने

1. गौधन गारंटी – मुख्यमंत्री गहलोत ने वादा किया है कि सत्ता में आने के बाद गौधन योजना प्रारम्भ की जाएगी। इस योजना के तहत हर पशुपालक से 2 रुपए किलो में गोबर खरीदा जाएगा।

जमीनी हकीकत

उल्लेखनीय है कि इस तरह की योजना छत्तीसगढ़ में संचालित है। इस योजना से प्रदेश के किसान वर्ग को कांग्रेस जोड़ कर चुनाव में फायदा पाने की रणनीति है। मगर लगता है मुख्यमंत्री गहलोत को जमीनी हकीकत पता नहीं है। दरअसल आजकल किसानों की जागरूकता के कारण देसी खाद का प्रचलन बढ़ गया है। इसलिए पहले ही गोबर काफी अच्छे भाव पर बिक रहा है।

2. फ्री लेपटॉप-टेबलेट की गारंटी – उच्च शिक्षा के लिए कांग्रेस ने हर स्टूडेंट को फ्री लेपटॉप और टेबलेट देने की गारंटी दी है। कांग्रेस के इस वायदे के मुताबिक कोई भी स्टूडेंट अगर कॉलेज में एडमिशन लेता है तो पहले साल उसे लेपटॉप या टेबलेट मुफ्त में दिया जाएगा, ताकि वे आसानी से पढ़ाई कर सकें।

जमीनी हकीकत

यह योजना अच्छा आकर्षण हो सकती है। मगर कड़वी सच्चाई यह है कि पहले ही राजस्थान सरकार फ्री की घोषणाओं के चलते कर्ज के भारी बोझ तले दबी हुई है। पहले की योजनाओं को पूरा करना ही इसके लिए बहुत बड़ी समस्या हो रही है। अधिकारी कबूलते हैं कि केन्द्रीय योजनाओं के लिए जो पैसा मिल रहा है, अभी वही गहलोत सरकार का बड़ा सहारा है। राज्य का अधिकतर पैसा तो फ्री की योजनाओं में खर्च हो रहा है, सरकार का खजाना खाली है। मतलब ऐसी योजनाओं का बोझ अंततः घूम फिरकर मतदाताओं पर ही पढ़ने वाला है। कांग्रेस के फंड से तो यह पैसा खर्च होने वाला है नहीं। मतदाताओं से ही किसी न किसी रूप में ये पैसे वसूले जाएंगे, किसी पर सेस या टेक्स लगाकर या बढ़ाकर। या फिर विकास की योजनाएं बाधित होंगी, स्थगित होंगी। राजस्थान में यह असर पड़ना शुरू भी हो गया है

3. प्राकृतिक आपदा राहत गारंटी – कई बार प्राकृतिक आपदाओं में जन धन का भारी नुकसान हो जाता है। ऐसे में कांग्रेस ने घोषणा की है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में हर परिवार के लिए 15 लाख रुपए तक का मुफ्त बीमा किया जाएगा।

जमीनी हकीकत

यह घोषणा सबसे अच्छी है। ऐसा होना ही चाहिए। अगर मतदाता इसे समझ सके तो कांग्रेस को चुनाव में काफी फायदा हो सकता है।

4. अंग्रेजी मीडियम शिक्षा की गारंटी – अभी सरकार ने करीब 3 हजार से ज्यादा सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोल दिए हैं। अब कांग्रेस का वादा है कि अगर प्रदेश में सरकार रिपीट हुई तो हर विद्यार्थी को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा की गारंटी दी जाएगी।

जमीनी हकीकत

अधिकतर स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी ऐसे ही हालात हैं। जहां तक अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने का सवाल है तो इनमें पढ़ाने वाले अधिकतर शिक्षक खुद ही अंग्रेजी के मामले में लंगड़े हैं। इनसे बेहतर कोई और नहीं मिलने के कारण इन्हें ही अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में लगाना पड़ा है। अब अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाते-पढ़ाते ही ये अपने आप को भी मांज रहे हैं।

5. ओपीएस गारंटी – राजस्थान में कांग्रेस सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर चुकी है। अब इसे एक्ट बनाने की गारंटी दी गई है। यानी अगर सरकार रिपीट हुई तो राज्य कर्मचारियों को गारंटी से ओपीएस दिया जाएगा। इसकी शुरुआत पहले बजट से देने की गारंटी दी गई है।

जमीनी हकीकत

हालांकि सभी प्रमुख अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ ओपीएस को देश के लिए बहुत बड़ा बोझ बता चुके हैं।‌ इससे देश को बहुत नुकसान बता चुके हैं। मगर चुनावी लिहाज से सरकारी कर्मचारियों को अपने पक्ष में करने के लिए गहलोत की यह अच्छी घोषणा है।

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