राजस्थान: भाजपा को मिला बहुमत, 3 सांसद और 17 मंत्री हारे, गहलोत ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा और दी यह प्रतिक्रिया, वसुंधरा राजे ने यह कहा

एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में इस बार भी हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज जारी रहा है। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुमत हासिल कर चुकी है। भाजपा के 115 उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस के 69 प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई है, जबकि 1 प्रत्याशी आगे चल रहा है। वहीं 14 सीटों पर अन्य उम्मीदवार जीत चुके हैं।
राजस्थान की जनता द्वारा दिए गए जनादेश को हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। यह सभी के लिए एक अप्रत्याशित परिणाम है। यह हार दिखाती है कि हम अपनी योजनाओं, कानूनों और नवाचारों को जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह कामयाब नहीं रहे।
मैं नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं। मेरी उनको सलाह है…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) December 3, 2023
इस बीच कांग्रेस ने अपनी हार मान ली है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज भवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल ने उन्हें नया मुख्यमंत्री बन जाने तक कार्यभार संभालने को कहा है। कांग्रेस को जो सदमा लगा है उनमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की हार भी शामिल है। इसके साथ ही परसादी लाल मीणा, प्रताप सिंह खाचरियावास, बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, गोविंद राम मेघवाल, प्रमोद जैन भाया सहित कांग्रेस के 25 में से 17 मंत्री हार गए हैं। जबकि गहलोत सरकार के सबसे विवादित मंत्रियों में शामिल रहे शांति धारीवाल कोटा उत्तर से जीत गए हैं।
इधर भाजपा के खेमे के नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया भी चुनाव हार गए हैं। भाजपा ने जिन 7 सांसदों को चुनाव लड़ाया था, उनमें से 4 ने जीत हासिल की, वहीं 3 को हार मिली है। इस बार यह संयोग रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष सहित नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष दोनों भी हार गए हैं।
चुनाव नतीजों पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा-राजस्थान की शानदार जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दी हुई गारंटी की जीत है। वहीं हार स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- काम करने के बाद भी हम कामयाब नहीं हुए, इसका मतलब यह नहीं है कि वे काम न करें। यह अप्रत्याशित परिणाम है। इधर, काउंटिंग के दौरान प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच कुछ विवाद भी हुआ। बहरोड़ विधायक और निर्दलीय प्रत्याशी बलजीत यादव के साथ मारपीट की गई। काउंटिंग के बाद जब वे बाहर निकले तो मैदान में उन्हें लोगों ने घेर लिया और थप्पड़ मारे।
राजस्थान की 200 में से 199 विधानसभा सीटों के लिए 25 नवम्बर को मतदान हुआ था। श्रीकरणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत कुन्नर के निधन के कारण वहां चुनाव नहीं हुए हैं।
