पहली जनसभा में हुई आपसी तकरार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गुंजल व पूर्व मंत्री धारीवाल ने दी यह बड़ी प्रतिक्रिया, धारीवाल अभी भी उखड़े-उखड़े रहे
एनसीआई@कोटा
बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए प्रहलाद गुंजल और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के बीच कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सभा के दौरान मंच पर हुई तीखी तकरार राजस्थान भर में चर्चा का विषय बन गई है। इससे पहले गुरुवार रात दोनों की हुई मुलाकात को इनके गिले-शिकवे दूर हो जाने के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आज शुक्रवार को इसके ठीक उलट हुआ। मंच पर धारीवाल ने गुंजल को उनके पिछले बयानों को लेकर घेरा, आपत्ति जताई।
धारीवाल ने गुंजल को सेकुलर बनने की नसीहत दे डाली। इस पर गुंजल ने आपत्ति जताई। इसके बाद वहां कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। धारीवाल के भाषण के बाद गुंजल वहां से रवाना हो गए। इस दौरान कई कट्टर कांग्रेसी कार्यकर्ता भी गुंजल के पक्ष में नारेबाजी करते नजर आए। इस पर गुंजल ने कहा कि जो बात हुई, नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन आपके सपोर्ट ने मुझमें 440 वॉट का करंट भर दिया।
आसानी से जिल्लत सहने वाला व्यक्ति नहीं
प्रहलाद गुंजल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कल शनिवार को नामांकन रैली और सभा भव्य होगी। कल सबको पता चल जाएगा। दोपहर बाद आप देखना। धारीवाल और उनके बीच हुई बहस पर गुंजल ने कहा- कोई जिल्लत की बात नहीं थी, मैं जिल्लत इतनी आसानी से बर्दाश्त करने वाला नहीं हूं। मुझे ठीक नहीं लगा तो खड़े होकर विरोध जता दिया। हम सब साथ में चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। जो बात हुई उसे यहीं खत्म करें। इसके बाद गुंजल बूंदी के लिए रवाना हो गए।
धारीवाल बोले: अपनी-अपनी बात हुई
इस मामले को लेकर जब धारीवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा- आप लोगों को जो मानना है, मान लो। मीडिया ने धारीवाल से पूछा कि क्या गिले शिकवे दूर नहीं हुए, मिलन अधूरा है? इस पर धारीवाल ने कहा- आपको जो सही लगे मान लो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मीटिंग में चुनाव को लेकर चर्चा होनी थी लेकिन, अपनी-अपनी बात हुई थी। उन्होंने भी अपनी बात कह दी और मैंने भी अपनी बात कह दी। कार्यकर्ताओं से यही कहा कि जो कांग्रेस का उम्मीदवार है, उसे जिताना है, हर सूरत में जिताना है। बीजेपी ने देश को बर्बाद कर दिया है। बीजेपी के उम्मीदवार को इस बार सबक सिखाना है, उन्होंने दस साल में कुछ काम नहीं किया।
दोनों रहे हैं एक दूसरे के विरोधी
गुंजल और धारीवाल दोनों एक दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। एक दूसरे पर निशाना साधने से कभी पीछे नहीं रहे। गुंजल ने रिवर फ्रंट के निर्माण में धारीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उस समय इस क्ष मामले ने काफी तूल पकड़ा था। इसके अलावा भी कई आरोप- प्रत्यारोप दोनों के बीच हुए थे। धारीवाल ने गुंजल के मकान को लेकर भी आरोप लगाए थे। दोनों के बीच चुनावों के समय भी बयानबाजी हुई थी। यही कारण रहा कि गुंजल के पार्टी जॉइन करने के दौरान धारीवाल जयपुर नहीं गए थे। वहीं गुरुवार रात को दोनों की मुलाकात हुई थी।
इधर, बिरला पर साधा निशाना
गुंजल ने कार्यक्रम की शुरुआत में सम्बोधित करते हुए बीजेपी उम्मीदवार ओम बिरला पर भी निशाना साधा। गुंजल ने कहा कि शांति धारीवाल की उम्र मेरे पिता के समान है। मुझे पार्टी ने टिकट दिया, शिष्टाचार के नाते मुझे उनसे मिलने जाना ही था। आज बिरला की सोशल मीडिया टीम जाने क्या-क्या चला रही है। गुंजल ने कहा- बिरला जी ताकतवर होंगे। आप चला रहे हैं कि मैं टिकट के लिए पहले बिरला जी के पास गया था। आप तो मेरा पांच साल से टिकट कटवा रहे थे। आप में दम होता तो जिस रोज दिलावर, संदीप शर्मा, हीरालाल नागर का टिकट जारी हुआ, कोटा उत्तर का भी करवाकर दिखा देते। केन्द्रीय नेतृत्व के सामने गिड़गिड़ा कर कहा कि मेरी सहमति के बिना टिकट दिया तो मेरी बेइज्जती हो जाएगी। केन्द्रीय नेतृत्व ने कहा, तब मैं गया। अब दम्भ भर रहे हो, इस कांग्रेस कार्यालय से चुनौती दे रहा हूं।
