April 17, 2026

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पहली बार मंच पर एक साथ आए, पर धारीवाल‌ नहीं दबा सके कड़वाहट, तीखी टिप्पणियों से बिफर पड़े गुंजल, हुई नोंक-झोंक, अपनी बात रख मंच छोड़कर चल दिए (वीडियो)

पहली बार मंच पर एक साथ आए, पर धारीवाल‌ नहीं दबा सके कड़वाहट, तीखी टिप्पणियों से बिफर पड़े गुंजल, हुई नोंक-झोंक, अपनी बात रख मंच छोड़कर चल दिए (वीडियो)

एनसीआई@कोटा

कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार प्रहलाद गुंजल और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल आज शुक्रवार को अपनी पहली साझा सभा के दौरान ही मंच पर झगड़ पड़े। गुंजल के भाजपा छोड़ कांग्रेस में आने के बाद उनकी यह पहली एक साथ सभा थी। गौरतलब है कि अलग-अलग पार्टियों में रहने के दौरान भी इनके बीच में काफी तीखी टीका- टिप्पणियां होती थीं।

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यहां अपने भाषण में धारीवाल ने गुंजल को सम्बोधित करते हुए कहा-अब आपने कांग्रेस जॉइन कर ली है। अब आप ये कहिए कि आपने मुझ पर जो आरोप लगाए थे, वो सब गलत थे। जैसे ही धारीवाल ने यह बात कही गुंजल पहले तो कुछ क्षण बेहद असहज नजर आए, इसके बाद वह और उनके समर्थक नाराज हो गए और नारेबाजी करने लगे। गुंजल के समर्थक इस घटना के गुंजल को जानबूझकर अपमानित करने के रूप में देख रहे हैं। धारीवाल शुरू से ही गुंजल को कांग्रेस में शामिल करने के पक्ष में नहीं रहे हैं।

दरअसल, लोकसभा चुनाव के सम्बन्ध में कांग्रेस कार्यालय में जनसभा का आयोजन किया गया था। गुंजल के विरोध के बावजूद धारीवाल का सम्बोधन जारी रहा। उन्होंने गुंजल से आगे कहा-ये भी कहिये कि अब आप सेक्युलर हैं। इसके बाद तो गुंजल खुद पर काबू नहीं रख पाए। वह एकदम से मंच पर खड़े हो गए और धारीवाल को टोकते हुए कहा-आप सीनियर नेता हैं और मंच पर ऐसी बात शोभा नहीं देती। इसके बाद गुंजल और धारीवाल के समर्थकों ने जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध को देखते हुए मंच पर अपनी बात रखकर गुस्साए हुए गुंजल वहां से रवाना हो गए। इसके बाद धारीवाल भी वहां से चले गए।

ऐसे बढ़ी तकरार

धारीवाल: प्रहलाद जी, आपका जो अब तक का करेक्टर रहा है, वह साम्प्रदायिकता का रहा है, अब इसे बदलना पड़ेगा और सेक्युलर बनकर रहना पड़ेगा।

गुंजल: आप जैसे सीनियर नेता को इस मंच पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

धारीवाल: मैं तो करूंगा।

धारीवाल: इन्होंने पार्टी और विचारधारा बदली और कांग्रेस की विचारधारा को अपना लिया तो अपना भी कर्तव्य तो यही बनता है, कांग्रेस के प्रत्याशी को जिताने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। छोटे-मोटे विवाद होते रहेंगे, पार्टी की जीत से काेई समझौता नहीं होगा। कांग्रेस का वोट कांग्रेस में ही जाएगा।

ये अंतिम बात मैं ये फिर से कह रहा हूं…..मुझे जो तकलीफ थी, वो मैंने बता भी दी और कह भी दिया। किसी और को कोई तकलीफ हो तो व्यक्तिगत बता दे, लेकिन कांग्रेस का वोट कांग्रेस में ही जाना चाहिए।

धारीवाल: जो आरोप आपने विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस प्रत्याशी शांति धारीवाल (खुद पर) पर लगाए थे, चाहे वह रिवर फ्रंट या मेरे मकान के ऊपर लगे पत्थरों और दूसरे, वो सभी गलत थे तो मेरा समर्थन है।

गुंजल: विपक्ष में रहते हुए जो विरोधाभास थे। अब जब एक माला में हो गए तो सभी विरोधाभास खत्म हो गए। इनके आशीर्वाद से मिलकर आगे बढ़ेंगे।

जो आरोप लगाए उसे या तो साबित करो या कहो गलत थे

धारीवाल ने गुंजल की ओर से लगाए गए पुराने आरोपों को लेकर मंच से ही निशाना साधा। धारीवाल ने कहा- कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया तो ये सबके उम्मीदवार हैं। जब ये मिलने आए थे तो मैंने स्पष्ट कह दिया था कि आपने जो आरोप लगाए थे या तो साबित करो या कह दो कि सभी आरोप गलत मानें। इन्होंने कह दिया था कि मैं बोल दूंगा आरोप गलत थे।

ये बात साफ होनी चाहिए, क्योंकि लोगों के दिमाग में ये बात है। बार-बार आकर पूछते हैं उनका क्या होगा। मैंने तो कह दिया- मुझसे तो कह दिया कि सब बात खत्म है और आपके नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे, क्योंकि हमारे सामने वो बड़ा दुश्मन और आदमी है, जिसने कोटा के हर काम को रोका है और रोड़े अटकाएं हैं।

धारीवाल बोले- यहां हिन्दू-मुस्लिम नहीं चलता

मंच पर भाषण के दौरान पूर्व मंत्री धारीवाल ने गुंजल को हिदायत देते हुए कहा-आप कांग्रेस में आ गए, कांग्रेस की विधारधारा साम्प्रदायिक विरोधी है, उसे आपको अपनाना पड़ेगा। कांग्रेस की पहली शर्त ही ये ही है कि आदमी सेक्युलर होना चाहिए। यहां हिन्दू-मुस्लिम नहीं चलता है। आपको चुनाव में दिखाना पड़ेगा, क्योंकि सेक्युलर वोटों की संख्या कम नहीं है। सेक्युलर वोटों का भी सपोर्ट लेना पड़ेगा।

आखिर में हुए सम्बोधन से बिगड़ी बात

उल्लेखनीय है कि बैठक में गुंजल सहित अन्य पदाधिकारियों का सम्बोधन पूरा हो गया था। आखिर में धारीवाल का सम्बोधन होना था। पहले तो धारीवाल ने सम्बोधन से इनकार कर दिया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने अनुरोध किया कि भाई साहब दो शब्द तो बोलना ही पड़ेगा। इस पर धारीवाल ने माइक सम्भालते ही कहा कि गुंजल साहब ने चम्बल रिवर फ्रन्ट को लेकर भ्रष्टाचार और रिवर फ्रन्ट गलत बनने, मेरे घर पर लगे पत्थरों को लेकर और जो अन्य झूठे आरोप लगाए थे, उसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और कहना चाहिए कि उन्होंने भाजपा में रहते हुए जो आरोप लगाए थे, वह सब गलत और झूठे हैं।

एनजीटी ने भी चम्बल रिवर फ्रन्ट के निर्माण को सही माना है। मगर गुंजल ने इस पर माफी नहीं मांगी। बस इतना ही कहा कि कांग्रेस में शामिल होने पर आरोप खत्म हो गए हैं। इस पर धारीवाल नाराज हो गए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माफी तो मांगी ही पड़ेगी। जब धारीवाल बोले रहे थे गुंजल तमतमाते हुए खड़े हो गए। यह देखकर गुंजल समर्थकों ने धारीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इतने में धारीवाल समर्थक पूर्व शहर महासचिव संजय यादव, उप महापौर सोनू कुरैशी, चेतन सहित कई अन्य कार्यकर्ता खड़े हो गए और गुंजल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल गर्मा गया। इस बीच शहर अध्यक्ष रवीन्द्र त्यागी, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष राखी गौतम ने समझाइश करना शुरू किया, लेकिन दोनों तरफ से नारेबाजी होती रही। मामला ज्यादा बढ़ने पर गुंजल बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए।

हिन्दुत्व छोड़कर सेकुलर बनना पड़ेगा

धारीवाल ने हंगामे के बीच कहा कि गुंजल साहब जिस पार्टी से आए हैं, वह कट्टर हिन्दुत्व वादी है। कांग्रेस सेकुलर पार्टी है। सभी धर्म के लोगों को साथ लेकर चलती है। ऐसे में गुंजल को सेकुलर होना पड़ेगा। इस पर भी गुंजल कुछ नहीं बोले।

गुंजल ने रात को धारीवाल से घर पर जाकर की थी मुलाकात

गौरतलब कि गुंजल ने गुरुवार रात को धारीवाल के घर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में दोनों के पुराने मतभेदों को लेकर अटकलबाजियां शुरू हो गईं थीं। मगर कुछ‌ घंटे बाद ही आज सुबह हुई पार्टी की बैठक में फिर दोनों के मतभेद खुलकर सामने आ गए। एकजुटता दिखाने के लिए बुलाई गई इस बैठक में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।

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