समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए ऑफ लाइन गिरदावरी प्राप्त कर तुरंत पंजीकरण करवा सकते हैं किसान
एनसीआई@कोटा/बून्दी
भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय कोटा के तहत राजस्व जिला कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़ , गंगापुरसिटी व सवाई माधोपुर जिलों में एफसीआई सहित अन्य एजेंसियों की ओर से मंडियों में खरीद कार्य चल रहा है।
रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य गेहूं खरीद कार्य 10 मार्च से शुरू हो चुका है। यह 30 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 20 जनवरी से प्रारम्भ हो गई थी, यह 25 जून तक अनवरत जारी रहेगी। अगर किसी किसान भाई ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है तो हाथों-हाथ अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए किसान आवश्यक दस्तावेज लेकर किसान खरीद केन्द्रों पर आएं। वे तुरंत अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इस कार्य में खरीद केन्द्र पर पदस्थापित कर्मचारी आपकी पूरी मदद करेंगे। साथ ही पिछले दिनों में कई इलाकों में पाला पड़ने व मावठ कम होने से दाने अपरिपक्व रह गए और फसल पकाई के समय हवा व तेज धूप के कारण गेहूं की चमक कम रही। इससे किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में दिक्कत हो रही थी। केंद्र के खाद्य मंत्रालय ने गेहूं के गुणवत्ता मापदंडों में छूट दी है। अपरिपक्व व टूटे, सिकुड़े हुए दाने के गेहूं की अधिकतम सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित थी, जिसे अब 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। गेहूं की चमकहीन की सीमा 70 प्रतिशत तक स्वीकार्य है।
मंडल कार्यालय कोटा के तहत अभी तक 31हजार 570 किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण करवा लिया है।
इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा 2 हजार 275 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस घोषित किया है। इस प्रकार किसानों को प्रति क्विंटल 2400 रुपए का भुगतान भारतीय खाद्य निगम द्वारा 48 घंटों से पहले उनके जन आधार लिंक खाते में जमा करवा दिया जाएगा। अब तक 11 हजार 475 किसानों को उनकी उपज 97 हजार 174 एमटी का समय पर बोनस सहित भुगतान कर दिया गया है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों में काफी खुशी है। अभी तक लगभग बोनस सहित 109.41 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया चुका है है।
इस वर्ष भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय कोटा के अधीन राजस्व जिला कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़ व सवाई माधोपुर में भारतीय खाद्य निगम को 35 केन्द्र तथा राज्य की अन्य केन्द्रीय एजेंसियों को 124 केन्द्र आवंटित किए हैं। इनमें समर्थन मूल्य गेहूं खरीद कार्य किया जा रहा है। इसके लिए व्यापक स्तर पर पोस्टर्स, बैनर व मुनादी के द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
