अब मंत्री दिलावर के बेटे की भी क्रिकेट में एंट्री, बारां क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष बने
एनसीआई@जयपुर
राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद से मंत्रियों के बेटों का क्रिकेट प्रेम जैसे हिलोरे मारने लगा है। इस क्रम में मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के बेटे के बाद आज शुक्रवार को मंत्री मदन दिलावर के बेटे की भी क्रिकेट में एंट्री हो गई। पवन दिलावर बारां डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के निर्विरोध कोषाध्यक्ष चुने गए।
इसके बाद पवन दिलावर ने कहा- क्रिकेट की भलाई के लिए काम करना और क्रिकेट को आगे बढ़ाना मेरी पहली प्राथमिकता है। बारां जहां से मैं कोषाध्यक्ष बना हूं, वहां क्रिकेट का ग्राउंड बनाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। अभी यहां कोई ग्राउंड नहीं है।
आरसीए का चुनाव लड़ने पर यह कहा
वहीं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) का चुनाव लड़ने के सवाल पर पवन ने कहा- यह फैसला भविष्य के गर्भ में छुपा है। आरसीए चुनाव लड़ने पर मेरे साथी और सहयोगी जो भी राय देंगे, उस पर मंथन और चिंतन कर ही फैसला करूंगा।
आरसीए में फिलहाल चूरू जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह काबिज हैं। वहीं, नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह के बेटे धनंजय सिंह लम्बे समय से हैं। इसके साथ ही मोती डूंगरी मंदिर महंत कैलाश शर्मा के बेटे अभिषेक शर्मा भी डूंगरपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन से कोषाध्यक्ष बन राजस्थान क्रिकेट की सियासत में प्रवेश कर कर चुके हैं। जबकि डूंगरपुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव वल्लभ और सचिव सुशील जैन भी बीजेपी का दामन थाम चुके हैं।
सरकार ने आरसीए की कार्यकारिणी कर दी थी भंग
दरअसल, राजस्थान सरकार ने पिछले दिनों आरसीए पर कार्रवाई करते हुए इसकी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके बाद एडहॉक कमेटी का गठन किया था। जिसके बाद जोधपुर और चित्तौड़गढ़ जिला क्रिकेट एसोसिएशन को भी भंग कर एडहॉक कमेटी का गठन कर किया गया था। वहीं सीकर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यकारणी से आरसीए के पूर्व सचिव भवानी सामोता को निष्कासित कर दिया गया था। ऐसे में अब एडहॉक कमेटी प्रदेश के 31 जिला क्रिकेट संघों में हो रही अनियमितताओं और शिकायतों की जांच में जुट गई है।
सरकार की बनाई इस एडहॉक कमेटी के संयोजक और बीजेपी विधायक जयदीप बिहानी ने कहा कि आरसीए की ओर से भारी अनियमितताएं की जा रही थी। इन्हें दुरुस्त करने के लिए ही सरकार ने एडहॉक कमेटी का गठन किया है। यह अनियमिताएं न सिर्फ राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में हो रही थी, बल्कि, प्रदेश के 33 जिला संघों में भी की जा रही रही थी। इनके खिलाफ हमने जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी होगा उन सबके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
