April 23, 2026

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हिन्दू-मुस्लिम जनसंख्या की घटत-बढ़त पर आई बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट, देश की राजनीति में मच गया नया बवाल

हिन्दू-मुस्लिम जनसंख्या की घटत-बढ़त पर आई बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट, देश की राजनीति में मच गया नया बवाल

एनसीआई@नई दिल्ली

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की गुरुवार को सामने आई रिपोर्ट ने देश भर के राजनीतिक हलकों में नया बवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1950 से 2015 के बीच, यानी 65 साल में भारत में हिन्दुओं की जनसंख्या घट गई है, वहीं, मुसलमानों की जनसंख्या में खासा इजाफा हुआ है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से देश की राजनीति में जैसे भूचाल आ गया है। ‌ कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां लोकसभा चुनाव के बीच इस रिपोर्ट को जारी करने पर सवाल खड़े कर रही हैं और इसे बीजेपी का एजेंडा बता रही हैं। वहीं बीजेपी इसे लेकर कांग्रेस को घेर रही है।

इस रिपोर्ट के विस्तार में जाएं तो भारत में इस अवधि के दौरान हिन्दुओं की आबादी में 7.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मुस्लिमों की आबादी हिस्सेदारी में 43 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की इस रिपोर्ट के मुताबिक, एक अध्ययन में हुए इस खुलासे में यह भी पता चला है कि भारत में जहां बहुसंख्यक हिन्दुओं की जनसंख्या हिस्सेदारी गिरी है, इसके विपरीत भारत के पड़ोसी देशों में उनके बहुसंख्यक समुदायों की आबादी में उछाल आया है। प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद ने यह रिपोर्ट दुनिया भर के 167 देशों के रुझानों का अध्ययन कर जारी की है।‌

रिपोर्ट के मुताबिक, एक ओर जहां भारत में बहुसंख्यक हिन्दुओं की आबादी हिस्सेदारी कम हुई है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और सिखों सहित अन्य अल्पसंख्यकों की जनसंख्या हिस्सेदारी बढ़ी है। हालांकि, जैन और पारसियों की संख्या में कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार साल 1950 और 2015 के बीच की अवधि में भारत में मुस्लिम आबादी में 43.15% की वृद्धि हुई है, जबकि ईसाइयों में 5.38%, सिखों में 6.58% और बौद्धों में मामूली इजाफा देखा गया है।

हिन्दू घटे, मुस्लिम बढ़े

ईएसी-पीएम यानी प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट के अनुसार भारत की जनसंख्या में हिन्दुओं की हिस्सेदारी 1950 में 84% से घटकर 2015 में 78% हो गई, जबकि इसी अवधि (65 वर्ष) में मुसलमानों की हिस्सेदारी 9.84% से बढ़कर 14.09% हो गई है। भारत में बहुसंख्यक यानी हिन्दुओं की आबादी 7.8 फीसदी घटी है। भारत की तरह ही पड़ोसी देश म्यांमार में भी बहुसंख्यकों की आबादी में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। नेपाल का भी हाल कुछ ऐसा ही है, जहां उसकी बहुसंख्यक (हिन्दू) आबादी में 3.6 फीसदी की गिरावट हुई है।

भारत के पड़ोसी देशों का यह है हाल

वहीं, भारत के अन्य पड़ोसी देशों की बात करें जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, उनमें बांग्लादेश की बहुसंख्यक आबादी में 18.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। ठीक इसी तरह पाकिस्तान में 3.75 फीसदी और अफगानिस्तान में 0.29 फीसदी बहुसंख्यक आबादी (मुस्लिम) में इजाफा हुआ है। इसके अलावा, मालदीव में उसकी बहुसंख्यक आबादी (सुन्नी) में 1.47 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

भारत के दो अन्य पड़ोसी देशों भूटान और श्रीलंका में बहुसंख्यक आबादी में इजाफा हुआ है। भूटान में 17.6 फीसदी तो श्रीलंका में 5.25 फीसदी बहुसंख्यक आबादी बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि इन देशों में बौद्ध धर्म के लोग बहुसंख्यक हैं।

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