शौक पूरा करना 12 साल की लड़की को पड़ गया भारी, खाया ऐसा पान कि पेट में हो गया छेद
प्रतीकात्मक चित्र
लड़की लिक्विड नाइट्रोजन वाला पान खाने का अनुभव लेना चाहती थी, मगर उसका यह अनुभव एक बुरे सपने में बदल गया। यह घटना अप्रेल माह की है। पान खाने के बाद से ही उसके पेट में दर्द रहने के साथ तरह-तरह की परेशानियां होने लगीं थीं।
एनसीआई@नई दिल्ली
कहते हैं शौक बड़ी चीज है, मगर कभी-कभी कुछ चीजों का शौक इतना भारी पड़ जाता है कि जान पर बन आती है। बेंगलुरु में 12 साल की लड़की के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। लड़की ने शौक-शौक में आग-धुआं वाला पान (स्मोकी पान) खा लिया। उस पान का असर ऐसा हुआ कि उसके पेट में ही छेद हो गया। लड़की दर्द के मारे कई दिन तक कराहती रही। वह जब अस्पताल पहुंची तो उसके होश उड़ गए। दरअसल, लड़की लिक्विड नाइट्रोजन वाला पान खाने का अनुभव लेना चाहती थी, मगर उसका यह अनुभव एक बुरे सपने में बदल गया। यह घटना अप्रेल माह की है। पान खाने के बाद से ही उसके पेट में दर्द के साथ तरह-तरह की परेशानियां रहने लगीं थीं।
जब पेट दर्द और उससे जुड़ी समस्या से परेशान लड़की को अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने पाया कि उसके पेट में एक छेद हो गया है। जी हां, डॉक्टर ने जब जांच की और रिपोर्ट सामने आई तो सभी हैरान रह गए। डॉक्टरों ने बताया कि लड़की को पेरिटोनिटिस हो गया था, जिस वजह से उसके पेट में छेद हो गया। हालांकि, इस घटना पर लड़की ने कहा, “मैं सिर्फ स्मोकी पान खाने का अनुभव लेना चाहती थी, क्योंकि यह दिलचस्प लग रहा था और बाकी सभी लोग भी इस पान को खा रहे थे।” पीड़ित लड़की ने आगे कहा, “पान खाने से बाकी किसी को कुछ भी नहीं हुआ, न ही दर्द का एहसास हुआ, मगर केवल मेरे ही पेट की परेशानी हुई।”
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, “लड़की को बेंगलुरु स्थित नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच करने के बाद पेट की सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद पीड़ित लड़की को पेट के इंट्रा-ऑप ओजीडी स्कोपी और स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी के साथ एक एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी से गुजरना पड़ा। ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. विजय एचएस ने बताया कि इंट्रा-ऑप ओजीडी स्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक एंडोस्कोप, एक केमरा और रोशनी से सुसज्जित एक लचीली ट्यूब का इस्तेमाल सर्जरी के दौरान अन्न प्रणाली और पेट की जांच करने के लिए किया जाता है।”
6 दिन अस्पताल में भर्ती रही लड़की
सर्जरी के तहत पेट के करीब 4×5 सेमी हिस्से को हटाया गया। तब जाकर उस लड़की को बचाया जा सका। हालांकि, पीड़ित लड़की को सर्जरी के बाद 6 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा।
इधर,लिक्विड नाइट्रोजन पान की इस घटना ने डॉक्टरों को भी चिंतित कर दिया है। इसलिए अगर आप भी ऐसा पान खाने का शौक रखते हैं तो इस घटना से सबक सीख लें।
