April 25, 2026

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प्रॉपर्टी डीलर बनकर जमीन खरीदने का नाटक किया, इस तरह तीन शातिर तस्करों तक पहुंची पुलिस, फार्म हाउस में पार्टी करते समय दबोच लिया

प्रॉपर्टी डीलर बनकर जमीन खरीदने का नाटक किया, इस तरह तीन शातिर तस्करों तक पहुंची पुलिस, फार्म हाउस में पार्टी करते समय दबोच लिया

एनसीआई@जोधपुर

जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार चल रहे तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इन तस्करों का सुराग लगाने के लिए पुलिस को जैसलमेर के भणियाणा में प्रॉपर्टी डीलर बन जमीन खरीदने के बहाने से रैकी करनी पड़ी। फिर जैसे ही इन तीनों आरोपियों के एक फार्म हाउस में एक साथ होने की बात कन्फर्म हुई, पुलिस टीम दीवार फांदकर अंदर पहुंची और रात के अंधेरे में इन्हें घेर लिया। उस समय ये पार्टी कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गए तीनों तस्करों में से एक तस्कर भणियाणा की ही उप प्रधान का जेठ है। पता चला है कि इस राजनीतिक रसूख के बल पर ही ये मादक पदार्थ की तस्करी करते थे।

इन तस्करों ने चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा को अपना प्रमुख ठिकाना बना रखा था। वहीं से ये पूरे प्रदेश में मादक पदार्थ की सप्लाई करते थे। इन तीनों को दबोचने के लिए साइक्लोनर टीम करीब 15 दिन से जमीन खरीदने के बहाने से रैकी कर रही थी।

पहले रसोइये को पकड़ा, उसी ने बताया सुराग

रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया- तीनों आरोपियों को ऑपरेशन ‘मद गवैया’ के तहत पकड़ा गया है। इनमें जस्साराम उर्फ जसिया (30), बाबूराम और चेतन राम शामिल हैं। वर्ष 2024 में जैसलमेर जिले की भणियाणा थाना पुलिस ने अफीम बरामद की थी। इस मामले में आरोपी बाबूराम और उसका सहयोगी चेतनराम फरार चल रहा था। मामले में मुख्य सरगना जस्साराम खुद था, जो मादक पदार्थों की सप्लाई किया करता था।

सप्लाई करने के बाद गोवा पार्टी करने जाता था

इस मामले में मुख्य आरोपी जस्साराम है। यह पिछले 6 साल से फरार था। इसके खिलाफ पाली, चितौड़गढ़ व बाड़मेर तीन जिलों में एनडीपीएस एक्ट में मामले दर्ज हैं। पाली पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। उल्लेखनीय है जस्साराम हर महीने मादक पदार्थों की दो बड़ी खेप पश्चिम राजस्थान में सप्लाई करता था। इसके बाद अपने साथियों के साथ गोवा में जाकर पार्टियां करता था। आरोपी से पूछताछ में मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क के बड़े खुलासे होने की भी उम्मीद है।

ऑपरेशन ऐसे हुआ सक्सेज

साइक्लोनर टीम करीब 15 दिन से भणियाणा और आसपास की जगह पर जमीन खरीदने के बहाने रैकी कर रही थी। इस दौरान सूचना मिली कि आरोपी भणियाणा के एक फार्म हाउस में पार्टी करते हैं। टीम ने उस फार्म हाउस में आनेजाने वाले लोगों पर निगाह रखी। इस फार्म हाउस में गुरुवार को रसोई का काम करने वाला व्यक्ति आरोपियों की शराब पार्टी के लिए चखने का सामान लेने बाहर आया था। पुलिस टीम ने उसे पकड़ कर पूछताछ की। इसमें पता चला कि मादक पदार्थ तस्करी का आरोपी जस्साराम यहीं रुका हुआ है। इस पर टीम गुरुवार रात दीवार फांदकर फार्म हाउस में पहुंची। इस दौरान तीनों आरोपी शराब पार्टी कर रहे थे। टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

निम्बाहेड़ा में बना रखा था ठिकाना

आरोपियों ने चितौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा को अपना ठिकाना बना रखा था। यहां से पूरे प्रदेश में नशा सप्लाई करता थे। जस्साराम 11वीं में फेल हो गया था। इसके बाद प्राइवेट 12वीं पास की। वह पहले फार्म हाउस में काम करता था। इसके बाद सेकंड हेंड गाड़ियां बेचने लगा। इस दौरान खरताराम से सम्पर्क हो गया और उसके साथ मिलकर नशा सप्लाई करने लगा। एक ऑपरेशन के दौरान पुलिस से बचने के लिए खरताराम ने खुद को गोली मार ली थी। इसके बाद जस्साराम खुद अपनी गैंग बनाकर नशा सप्लाई करने लगा।

पश्चिमी राजस्थान का किंगपीन बना मुख्य आरोपी

मुख्य आरोपी जस्साराम पहले बाइक की पेट्रोल टंकी में अवैध मादक पदार्थ डालकर चित्तौड़गढ़ से अलग-अलग जिलों में सप्लाई करता था। इसके बाद उसने जीपों और ट्रकों में मादक पदार्थों की तस्करी करना शुरू किया और धीरे-धीरे पश्चिमी राजस्थान का किंगपीन बन गया।

बाबूराम के छोटे भाई की पत्नी भणियाणा में उप प्रधान

जस्साराम के साथ ही पुलिस ने बाबूराम व चेतनराम को भी गिरफ्तार किया है। बाबूराम भणियाणा में 11 किलो अफीम पकड़े जाने के मामले में फरार था। इसके छोटे भाई की पत्नी भणियाणा में उप प्रधान है। इसके चलते राजनीतिक रसूख दिखाकर मादक पदार्थ की तस्करी करता था। वह लोगों को अपना नाम बाबूराम प्रधान बताता था। साल 2022 में बीकानेर की नाल थाने में अफीम तस्करी के मामले में बाबूराम पकड़ा गया था, जिसमें उसे जेल हुई थी। इसके बाद जमानत पर बाहर आकर वह वापस तस्करी करने लगा था।

ऑपरेशन का नाम इसलिए रखा ‘मद गवैया’

रेंज आईजी विकास कुमार ने इस ऑपरेशन का नाम ‘मद गवैया’ रखा। इसका कारण था कि मद यानी मादक पदार्थ। आरोपी मादक पदार्थ की तस्करी करते थे। गवैया का नाम पंडित जसराज से लिया गया, क्योंकि आरोपी का नाम जस्साराम था। पंडित जसराज जो खुद गायक थे। इसलिए इसका नाम मद गवैया रखा गया। टीम अब तक 62 ऑपरेशन कर 64 आरोपियों को पकड़ चुकी है।

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