11वीं की छात्रा ने हॉस्टल में प्रीमेच्योर बेबी को जन्म दिया, फिर वॉशरूम से बाहर फेंका, स्कूल सुपरिटेंडेंट सस्पेंड
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कक्षा 11 की छात्रा द्वारा समय से पहले बच्चे को जन्म देने के बाद सरकारी आवासीय विद्यालय के सुपरिटेंडेंट को निलम्बित कर दिया गया है। गर्भावस्था के सातवें या आठवें महीने में जन्मी बच्ची की हालत गम्भीर बताई गई है।
एनसीआई@रायपुर
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा 11 वीं की एक छात्रा ने समय से पहले बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद इस आवासीय विद्यालय के सुपरिटेंडेंट को निलम्बित कर दिया गया है। गर्भावस्था के सातवें या आठवें महीने में जन्मी बच्ची की हालत गम्भीर बताई गई है।
एक अधिकारी ने बताया कि पोड़ी गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में यह घटना मंगलवार को सामने आई, जब छात्रावास अधीक्षक जय कुमारी रात्रे को 17 वर्षीय छात्रा के बीमार होने की सूचना मिली। यह हॉस्टल कम-स्कूल आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित है।
टॉयलेट की खिड़की से बच्चे को बाहर फेंका
हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं ने सुपरिटेंडेंट को बताया कि लड़की सोमवार देर रात से उल्टी कर रही थी। सुपरिटेंडेंट के अनुसार, जब उसके रोने की आवाज सुनी गई तो केम्पस में एक नवजात शिशु पाया गया। अस्पताल ले जाई गई छात्रा ने स्वीकार किया कि उसने बच्चे को जन्म दिया था और सोमवार देर रात टॉयलेट की खिड़की से उसे फेंक दिया।
लापरवाही के आरोप में हॉस्टल सुपरिटेंडेंट सस्पेंड
कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि हॉस्टल सुपरिटेंडेंट को कथित लापरवाही के लिए निलम्बित कर दिया गया है, क्योंकि उन्हें यह पता नहीं चला कि लड़की गर्भवती थी। उन्होंने इस मामले में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विभाग को जांच करने का आदेश दिया है। कोरबा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने कहा, ‘बच्चे को गम्भीर नवजात देखभाल वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसके बाएं फेफड़े पर चोट के निशान हैं। बच्चे की हालत गम्भीर है।’
