भारत ने अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर जताया शोक, विदेश सचिव ने श्रद्धांजलि रजिस्टर पर किया हस्ताक्षर
एनसीआई@नई दिल्ली
भारत ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। गुरुवार दोपहर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचे और वहां रखी गई श्रद्धांजलि पुस्तिका में भारत की तरफ से हस्ताक्षर किए और संवेदना व्यक्त की। भारत के इस कदम को बेहद अहम बताया जा रहा है।

86 वर्षीय खामेनेई की 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमले में मौत हो गई थी। खामेनेई प्रमुख पदाधिकारियों के संग जिस इमारत में बैठक कर रहे थे, उस पर हमले में उनके सहित 44 अन्य लोगों की भी इस हमले में मौत हुई थी। इनमें ईरान के रक्षा मंत्री और आईआरजीसी के प्रमुख भी शामिल थे। खामेनेई के साथ ही उनकी बहू, बेटी, नाती भी हमले में मारे गए थे। इसमें घायल खामेनेई की बीवी की बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

विपक्ष कर रहा था निंदा
इजरायल और अमेरिका के अटैक में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद एक सवाल लम्बे समय से उठाया जा रहा था। वह यह कि भारत ने इस हमले की अब तक निंदा क्यों नहीं की। कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियां खुलकर भारत सरकार से सवाल कर रही थीं कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की निंदा खुले मंच पर क्यों नहीं की गई। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तो इस सम्बंध में अखबारों में लेख लिखकर भारत सरकार की विदेश नीति की आलोचना की थी।
