बच्चे के अपहरण और हत्या के 31 साल पुराने मामले में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक गिरफ्तार, जमानत पर छूटने के बाद से चल रहा था फरार
31 साल पुराने अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या का आरोपी सालों तक अपनी पहचान बदलकर पुलिस से बचता रहा। अब वह गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार कर लिया गया है। एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर के तौर पर पहचान बना चुके सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी ने सभी को चौंका दिया है।
एनसीआई@गाजियाबाद
करीब तीन दशक तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला 31 साल पुराने अपहरण और हत्या का आरोपी आखिरकार पकड़ लिया गया। गाजियाबाद के लोनी से एंटी रॉबरी एंड सीरियस क्राइम (ARSC) टीम ने एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया है। सलीम वास्तिक पर 1995 में 13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या का आरोप दर्ज हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, साल 1995 में सलीम वास्तिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर 13 साल के मासूम का अपहरण किया था। इसके बाद परिवार से 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी गई थी। लेकिन फिरौती की रकम मिलने से पहले ही आरोपी ने बच्चे की हत्या कर दी थी। इस वारदात ने उस समय पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
इस मामले में सलीम को गिरफ्तार किया गया था और 1997 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।हालांकि, साल 2000 में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया और लगातार अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता रहा।

खुद को मृत तक घोषित कराया
इतना ही नहीं, पुलिस से बचने के लिए उसने खुद को मृत तक घोषित करवा दिया था। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदल ली और सलीम अहमद नाम से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रहने लगा। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन तक न पहुंच सके।
साल 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद से वह कानून से बचने के लिए और पैंतरे आजमाने लगा। उसने सोशल मीडिया पर एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर के तौर पर अपनी नई पहचान बना ली।
हाल ही में ARSC क्राइम ब्रांच को उसकी लोकेशन गाजियाबाद के लोनी इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सलीम ने 31 साल तक कानून से बचने के लिए हर सम्भव कोशिश की, लेकिन अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
25 साल से नाम छिपाकर रह रहा था
सलीम वास्तिक को दिल्ली के एक व्यापारी के बेटे के अपहरण और उसकी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई थी। इसके बाद से अपना नाम छिपाकर रह रहा था।
दिल्ली पुलिस ने एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक (असली नाम सलीम खान) को एक पुराने मामले में गाजियाबाद के लोनी इलाके से गिरफ्तार किया है। सलीम 1995 में दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी था। उसे 1997 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह साल 2000 में जमानत (पेरोल) पर जेल से बाहर आया और तब से फरार चल रहा था। वह पिछले 25 सालों से अपनी असली पहचान छिपाकर शामली, मेरठ और गाजियाबाद जैसे इलाकों में रह रहा था।
फरवरी में हुआ था जानलेवा हमला
बीती 27 फरवरी को सलीम वास्तिक पर कट्टरपंथी विचारधारा के दो युवकों ने जानलेवा हमला किया था। इससे सलीम को गम्भीर चोटें आईं थीं। ऑफिस में हुए जानलेवा हमले के बाद सलीम को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। कई दिन तक चले इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। अब दिल्ली पुलिस ने सलीम की पुरानी फाइल खोलते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
एनकाउंटर में मारे गए थे दोनो हमलावर भाई
एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने हमलावरों की पहचान की तो पता चला कि दोनों सगे भाई थे। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर दोनों आपराधी भाइयों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। दोनों की पहचान जीशान और गुलफाम के रूप में हुई थी।
