एनसीआई@दौसा
विधान सभा चुनाव के लिए अभी कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली सूची का इंतजार है। इस बीच, उम्मीदवारों को लेकर लगाई जा रही अटकलबाजियों पर पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है। जब उनसे दोबारा मानेसर मुद्दे को याद करने का सवाल किया तो उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि हमारे बीच की प्यार-मोहब्बत मिसाल बन चुकी है। मुख्यमंत्री के सवाल पर पायलट ने कहा- सभी मिलकर तय करेंगे कि कौन सीएम बनेगा।

दरअसल, दौसा जिले के कांदोली में शुक्रवार को प्रियंका गांधी की सभा प्रस्तावित है। इसकी तैयारियाें का जायजा लेने पायलट गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे मंत्री ममता भूपेश के साथ कांदोली पहुंचे थे। यहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- जहां तक टिकट की बात है, जो पिछले साल घटनाक्रम हुआ, उसमें कुछ लोगों पर पार्टी में अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। लेकिन, जीत सकने वाले जिन भी दावेदारों के प्रपोजल आए, उनका मैंने खुले मन से स्वागत किया। चाहे उस समय सोनिया गांधी जी की अवमानना किसी ने की हो। फिर भी मैंने कहा- पार्टी हित में जो भी हो, उसे टिकट मिलना चाहिए। मैंने एक भी दावेदार का विरोध नहीं किया और प्यार-मोहब्बत का इससे बड़ा प्रमाण नहीं हो सकता।
पद और उसकी अवधि हाईकमान तय करेगा
दिल्ली में गुरुवार को एआईसीसी (AICC) में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें गहलोत ने सीएम पद को लेकर बयान दिया था कि मैं सीएम पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन ये मुझे नहीं छोड़ रहा और छोड़ेगा भी नहीं। पायलट से गहलोत के इस बयान के बारे में पूछा गया तो वे बोले- मुझे इस कॉन्फ्रेंस की जानकारी नहीं है। लेकिन, कौन किस पद पर कब बैठता है, इसका निर्णय कांग्रेस लीडरशिप करती है।

कांग्रेस अध्यक्ष, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तय करते हैं कि कौन नेता, किस पद पर सरकार या संगठन में काम करेगा। पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय करेगा, वह सबको स्वीकार होगा। पायलट ने कहा- 2018 में मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था। पार्टी के सभी नेताओं ने मिलकर मेहनत की और सरकार बनाई। आज भी सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इसे लेकर भाजपा के अंदर बहुत घबराहट है। वहां आपसी टकराव और खींचतान है।
पायलट ने कहा- भाजपा ने अभी सिर्फ 40 टिकट बांटे हैं, लेकिन 80 झगड़े हो गए। इससे साफ होता है कि भाजपा में अंदरखाने बहुत कुछ चल रहा है। मैं उस पर कमेंट नहीं करना चाहता, लेकिन कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ने जा रही है। सभी नेताओं ने सकारात्मक माहौल में चर्चा कर प्रत्याशी चयन किए हैं, बहुत जल्द लिस्ट भी सामने आ जाएगी।
विधायक-हाईकमान तय करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री फेस के सवाल पर पायलट ने कहा- देश के किसी भी राज्य में चुनाव होते हैं तो सामूहिक नेतृत्व रहता है और चुनाव के बाद कांग्रेस हाईकमान नेता सदन तय करता है। एआईसीसी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा- चुनाव के बाद विधायक और हाईकमान तय करेंगे कि 2023 में सीएम कौन बनेगा।

जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता
हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर पायलट ने कहा- भाजपा ने कहां कोशिश नहीं की। राजस्थान में हमने भाजपा के 163 के बहुमत को हराकर सरकार बनाई थी। ऐसे में उनके मन में चोट होगी कि हमारी सरकार क्यों नहीं बन पाई।
पायलट ने यह भी कहा- मैंने जो मुद्दे उठाए थे, उन्हें पार्टी ने स्वीकार किया है और एआईसीसी ने भी आगे कदम उठाने की बात कही थी। सभी ने मिलकर पार्टी के लिए काम किया है और लेकिन मैं कह देना चाहता हूं जनता की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
