एनसीआई@बूंदी
बूंदी शहर के ऐतिहासिक दरवाजे आने वाले दिनों में पर्यटकों को अपनी ओर अधिक आकर्षित करेंगे। शहर की प्राचीन धरोहरों को सहेजने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन ऐतिहासिक दरवाजों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण का कार्य 14 जुलाई, मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। यह पहल भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) चेप्टर द्वारा की गई है।
भारतीय सांस्कृतिक निधि के केंद्रीय कार्यालय के निर्देशन में 14 जुलाई की सुबह 8 बजे इस कार्य का श्रीगणेश होगा। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। यह कार्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बूंदी में पर्यटन और विकास को गति देने के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
इंटेक चेप्टर बूंदी के संयोजक राजकुमार दाधीच ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष के विशेष प्रयासों से ही भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से इस कार्य को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक दरवाजों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण से न केवल शहर की सुंदरता में चार चांद लगेंगे, बल्कि देशी-विदेशी पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे। शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के इस कार्य में आमजन से भी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई है। इंटेक के सह-संयोजक राजेंद्र कुमार भारद्वाज, सदस्य नंद प्रकाश शर्मा ‘नंजी’, अशोक तलवास, जेपी त्रिपाठी, पंकज दादी, मनमोहन अजमेरा, पीयूष पाचक, अनुराग शर्मा आदि ने शहरवासियों से इस संरक्षण कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया है।
