April 25, 2026

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राजनीतिक पासा: बीजेपी ने सूर्यकांता व्यास का टिकट काटा ‌ तो अफसोस जताने रात सवा बारह बजे उनके घर पहुंचे गहलोत

राजनीतिक पासा: बीजेपी ने सूर्यकांता व्यास का टिकट काटा ‌ तो अफसोस जताने रात सवा बारह बजे उनके घर पहुंचे गहलोत

राजस्थान में सियासी पारा किस कदर चढ़ चुका है, इस बात का अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि सूरसागर सीट से बीजेपी विधायक सूर्यकांता व्यास को उनकी पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो रात 12 बजे बाद सीएम अशोक गहलोत उनके घर पहुंच गए। सूर्यकांता व्यास को हर कोई जीजी कह कर सम्बोधित करता है।

एनसीआई@जोधपुर

राजस्थान में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा चुका है। जैस-जैसे राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर रहे हैं, वैसे-वैसे टिकट से वंचित रह जाने वाले नेताओं या दावेदारों व उनके समर्थकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। वहीं ऐसे नेताओं को विपक्षी पार्टियां अपने खेमे में लाने के खेल में भी जुटी हुई हैं। इसके लिए बात ‘अफसोस जताने’ के तरीके से शुरू की जा रही है। ऐसा ही एक बड़ा मामला देर रात करीब सवा बारह बजे उस वक्त सामने आया, जब सीएम अशोक गहलोत भाजपा विधायक सूर्यकांता व्यास के घर पहुंचे। गौरतलब है कि वयोवृद्ध सूर्यकांता व्यास को बीजेपी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। गहलोत ने उनके घर पहुंचकर अफसोस इस बात का अफसोस जताया।

मेरी तारीफ की इसलिए…

जोधपुर की सूरसागर सीट से बीजेपी विधायक सूर्यकांता व्यास जीजी को भारतीय जनता पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। जब अशोक गहलोत उनसे मिलने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि मेरी तारीफ करने पर बीजेपी ने सूर्यकांता का टिकट काट दिया। अशोक गहलोत और विधायक सूर्यकांता व्यास जीजी भाई-बहन का रिश्ता निभाते हैं।

सूरसागर सीट पर कांग्रेस ने नहीं उतारा उम्मीदवार

गौरतलब है कि राजस्थान की सूरसागर सीट पर कांग्रेस ने अभी तक सस्पेंस कायम रखते हुए अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। कांग्रेस के लिए वैसे भी सूरसागर का गढ़ जीतना आसान काम नहीं है। वर्ष 2003 से अभी तक यहां पर बीजेपी का ही राज चला आ रहा है। बीजेपी विधायक सूर्यकांता व्यास ही यहां से तीन बार से विधायक हैं। इस प्रकार 20 साल से कांग्रेस यहां जीत हासिल नहीं कर पाई है।

हालांकि, अब सूर्यकांता व्यास को टिकट न दिए जाना बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। इसी बीच सीएम गहलोत का बीजेपी विधायक के घर पहुंचना और अभी तक कांग्रेस का यहां से उम्मीदवार खड़ा न करना कई संकेत दे रहा है।

“उन्हें नहीं पता था कि उनका पाला किससे पड़ा है”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार करते हुए, वर्ष 2020 में उनकी सरकार गिराने के प्रयासों को याद किया और कहा कि जिन लोगों ने यह कोशिश की उन्हें नहीं पता था कि उनका पाला किससे पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तीन बार राज्य का मुख्यमंत्री रहा हूं। मैंने ये तीनों कार्यकाल पूरे किए हैं, जो कि एक बड़ी चीज है।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘यह केवल इन तीनों कार्यकाल को पूरा करने के बारे में नहीं है। उन्होंने इस बार मेरी सरकार गिराने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। उन्होंने सोचा कि वे लोग यहां भी सफल हो जाएंगे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनका पाला किससे पड़ा है।’’

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