नहीं माने दिग्गज कांग्रेस नेता एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास, सचिन पायलट के हैं करीबी
एनसीआई@बाड़मेर
कांग्रेस के दिग्गज नेता, छह बार से विधायक और गहलोत सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने गुरुवार को चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। हेमाराम चौधरी ने काफी पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। वह अब भी अपने फैसले पर कायम हैं। हालांकि, 17 अक्टूबर को उनके गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें मनाने के लिए एक बैठक बुलाई। इस बैठक में भी हेमाराम चौधरी ने दृढ़ता से कहा- मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। यदि आप जिद पर अड़े रहे तो मैं आमरण अनशन करूंगा।
हेमाराम चौधरी ने गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर उनकी जगह किसी युवा नेता को टिकट देने की अपील की है। अपने पत्र में हेमाराम चौधरी ने लिखा- मैं जीवनभर कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का ऋणी रहूंगा। पार्टी ने मुझे छह बार विधानसभा सदस्य के रूप में जनता की सेवा करने का मौका दिया है। इसके अलावा, मुझे राज्य सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनकर पूरे राज्य की सेवा करने का मौका मिला, जो मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत में मेरे जैसे सामान्य कार्यकर्ता के लिए अकल्पनीय था।
हेमाराम चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को लिखे पत्र में कहा- मैंने पार्टी के भीतर अन्य पदों पर रहकर संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया है। पिछले वर्षों में जब भी पार्टी को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, मैं हमेशा संघर्ष में सबसे आगे रहा। हालांकि, अब मैं जीवन के ऐसे पड़ाव पर हूं, जहां खुद को पूरी तरह से सक्रिय राजनीतिक जीवन के लिए समर्पित करने में असमर्थ हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जिस तरह पार्टी ने मुझे कम उम्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी, उसी तरह मुझे आने वाली पीढ़ी को मौका देना चाहिए।
हेमाराम चौधरी ने आगे लिखा- मेरा दृढ़ विश्वास है कि युवा नेताओं को प्रेरित करना, उन्हें राजनीतिक स्थान प्रदान करना और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना प्रत्येक वरिष्ठ नेता की नैतिक जिम्मेदारी है। यदि इस अहसास के बावजूद मैं चुनाव लड़ना जारी रखता हूं तो यह राजस्थान की जनता और कांग्रेस पार्टी के साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा। अतः इस पत्र के माध्यम से मैं निवेदन करना चाहता हूं कि आगामी चुनाव में मैं प्रत्याशी के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में भाग लूंगा। इसलिए मेरा अनुरोध है कि गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र से नए कार्यकर्ता को मौका दिया जाए।
