राजस्थान की सियासत में एक बार फिर लाल डायरी ने उबाल ला दिया है। चुनाव से 15 दिन पहले फिर से कथित लाल डायरी के पन्ने बाहर आए हैं, जिसमें धर्मेंद्र राठौड़ के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री गहलोत के बेटे खुद मान रहे हैं कि वे चुनाव हार जाएंगे।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान की राजनीति में सियासी तूफान लाने वाली लाल डायरी के जिन्न धीरे धीरे बाहर निकल रहा है। इस लाल डायरी के 4 पन्ने सामने आए हैं। इन पन्नों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के हवाले से लिखा हुआ है कि ‘पापा इसलिए वापस सरकार नहीं बना पाते हर बार, इस बार भी मैं लिखकर दे सकता हूं, सरकार बुरी तरह हारेगी।’ डायरी में यह भी लिखा है कि ‘सरकार के हारने का कारण वे (सीएम गहलोत)’ स्वयं हैं। वे अधिकारियों से ऐसे घिर जाते हैं कि उन्हें राजनैतिक व्यक्ति बहुत बुरा लगने लग जाता है।’ ये उसी डायरी के पन्ने बताए जा रहे हैं, जिस डायरी को तत्कालीन मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने विधानसभा में लहराया था। गुढ़ा का दावा है कि इस डायरी को वे धर्मेन्द्र राठौड़ के घर से उस दिन लेकर आए थे, जिस दिन उनके आवास पर ईडी की रेड पड़ी थी। इसमें गहलोत सरकार के भ्रष्टाचार का हिसाब किताब है। इस डायरी को सामने लाने के बाद राजेन्द्र गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त करने के साथ कांग्रेस पार्टी से भी निकाल दिया गया था।
एक स्वीपर का ट्रांसफर भी नहीं करवा पाए वैभव गहलोत

लाल डायरी के जो पन्ने सामने आए हैं, उनमें धर्मेन्द्र राठौड़ की ओर से कथित रूप से सीएम के बेटे वैभव गहलोत का जिक्र करते हुए लिखा है कि ‘मेरे कहने पर सवाई माधोपुर में एक स्वीपर का भी ट्रांसफर भी नहीं किया, जिससे जिले के अधिकारियों में मेरा (वैभव) बहुत गलत मैसेज गया है। विधायक दानिश अबरार के सीएम साहब के भारी खिलाफ होते हुए भी उसके कहने पर मेरी बेइज्जती की। तब मैंने (धर्मेंद्र राठौड़) वैभवजी द्वारा भेजे गए वॉट्सएप सीएम साहब के ओएसडी शशिकांत को भेजकर कहा कि सीएम साहब को कहना वैभव जी बहुत नाराज हैं।’
कांग्रेस विधायक के कहने पर प्रमुख सचिव ने खान शुरू नहीं की
लाल डायरी के जो कथित पन्ने सामने आए हैं, उनके हिसाब से टोडाभीम से कांग्रेस विधायक पीआर मीणा की खान चालू करवाने के उपाय ढूंढने का जिक्र भी किया गया है। डायरी में लिखा है कि ‘1.30 बजे पीआर मीणा विधायक का फोन आया। कुंजीलाल मीणा आईएएस को फोन किया, परंतु उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कर सकता, फिर पीआर मीणा ने सीएम साहब से मिलने का समय मांगा।’

आगे लिखा है कि ‘पीआर मीणा विधायक आए, इनको मैंने कहा कि कुंजीलाल मीणा प्रमुख सचिव आपकी खान मामले में निगेटिव हैं। सो मैंने सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका को फोन कर बता दिया। सीएम साहब को SMS कर दिया। इससे पहले मैंने कुंजीलाल मीणा IAS, अरिंदम तोमर PCCF वाइल्ड लाइफ से फोन पर लम्बी बात की। तोमर साहब का कहना था कि अगर कुंजीलाल मीणा चाहें तो खान चल सकती है, अन्यथा नहीं। दूसरा उनका सुझाव था कि हम सेंचुरी की बाउंड्री आगे खिसकाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज कर मंजूर करवा सकते हैं। इसमें समय लगेगा, लेकिन स्थायी समाधान यही होगा और 40-50 खान मालिकों को इसका फायदा होगा।
कुंजीलाल मीणा को हटाओ, तभी ब्यूरोक्रेसी पर असर पड़ेगा
ब्यूरोक्रेसी के हावी होने का जिक्र भी लाल डायरी में किया गया है। कुंजीलाल मीणा द्वारा खान चालू नहीं कराने पर पीआर मीणा की नाराजगी का जिक्र लाल डायरी के पन्नों में किया गया है। इनमें लिखा है ‘यह सुनकर पीआर मीणा बोले कि अब तो आप सीएम से कहकर कुंजीलाल मीणा IAS को प्रमुख सचिव खान से हटाकर दूसरी जगह पोस्टिंग करो, तभी ब्यूरोक्रेसी में कड़ा संदेश जाएगा। पीआर मीणा की खान के मामले में लाल डायरी के पन्नों में आगे लिखा है- विधायक पीआर मीणा की खान चालू करवाने के लिए प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीणा,खान निदेशक गौरव गोयल, शैलजा देवल, पीसीसीएफ अरिंदम तोमर से खूब लंबी बहस की। लगता है कि कुंजीलाल मीणा, गौरव गोयल दोनों डरे हुए हैं, या यूं कहिए इनका इरादा ठीक नहीं है। कुल मिलाकर बिना सीएम साहब के हस्तक्षेप के यह मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा।’

पायलट समर्थक विधायक की खान का भी जिक्र
लाल डायरी के एक पन्ने में यह भी लिखा है कि ‘ऑफिस में 11.15 बजे पीआर मीणा आए। बोले- मेरी जीआर खटाना से उसकी पत्नी के सामने खुलकर बात हो गई है। खटाना का फॉरेस्ट डायवर्सन खान का मामला है। आप इसे एक-दो दिन में सीएम साहब से बात करके कर दो तो वह 15 तारीख को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देगा। यह कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में घोषित कर देगा। मैंने कहा है- मैं सीएम साहब से बात करके बताता हूं।
माइनिंग के ठेके में पूर्व विधायक बाजौर के साथ हुई धोखाधड़ी
लाल डायरी के जो पन्ने सामने आए हैं, उनमें कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजोर के साथ धोखाधड़ी होने का भी जिक्र किया गया है। डायरी में लिखा है कि ‘पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजौर आए। इनका नीम का थाना माइनिंग का ठेका धोखाधड़ी से मेघराज सिंह ने ले लिया, सो खान मंत्री से सिफारिश कराने आए।’
सियासत में तूफान लेकर आई डायरी
पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा का दावा है कि आरटीसीडी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ के सिविल लाइन स्थित फ्लेट पर आयकर विभाग का छापा पड़ा था। तब वे वहां गए थे और राठौड़ के फ्लेट से लाल डायरी लेकर आए। यह डायरी धर्मेन्द्र राठौड़ द्वारा लिखी होने का दावा किया है। दावा है कि धर्मेन्द्र राठौड़ नियमित रूप से डायरी लिखते रहे हैं। उनके घर पर जो भी व्यक्ति मिलने आते थे या जो भी कॉल उनके पास आता था, उनसे जो भी बातें होती थी, उन बातों का जिक्र वे डायरी में करते थे। ये डायरी गुढा के पास है। उनका यह भी दावा है कि इस डायरी में गहलोत सरकार का काला चिट्ठा लिखा हुआ है।
