राजस्थान चुनाव 2023: 326 उम्मीदवारों पर दर्ज हैं अपराधिक मामले, 651 हैं करोड़पति, जानें पार्टीवार विवरण
राजस्थान में विधानसभा का चुनाव लड़ रहे कुल प्रत्याशियों में से 326 दागी हैं, यानी उन पर अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 236 पर तो गम्भीर किस्म के आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह तथ्य शनिवार को राजस्थान इलेक्शन वॉच संस्था की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में सामने आया है। इस रिपोर्ट के लिए प्रदेश में विधानसभा का चुनाव लड़ रहे सभी 1,875 उम्मीदवारों के हलफनामों का गहन अध्ययन किया गया है। अध्ययन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे का कहना है कि चुनाव हमारी उम्मीद के मुताबिक सही दिशा में नहीं जा रहे हैं।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में इस बार आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बार सामान्य अपराध सहित गम्भीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार बढ़ गए हैं। अगर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की तुलना की जाए तो राज्य में राज्य स्तरीय पार्टियों के उम्मीदवारों में 30 प्रतिशत दागी हैं, जबकि राष्ट्रीय दलों में में 22 प्रतिशत उम्मीदवार का अपराधिक बेकग्राउंड है। चुनावी मैदान में डटे कुल 326 उम्मीदवारों पर अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 236 पर गम्भीर किस्म के अपराध के मामले दर्ज हैं। ऐसे में आम आदमी का चुनाव लड़ना मुश्किल होता जा रहा है।
प्रत्याशियों की सम्पत्ति और आपराधिक मामलों की पड़ताल करने वाली संस्था राजस्थान इलेक्शन वॉच ने आज अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में सूबे की 200 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव मैदान में डटे 1875 उम्मीदवारों के हलफनामों का गहन अध्ययन किया गया है। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट आदेशों के बावजूद पार्टियां प्रत्याशी के बारे में जानकारी देने में गोलमाल कर रही हैं।
सीपीआई के 72 प्रतिशत उम्मीदवार दागी
आपराधिक बेकग्राउंड के मामले में प्रदेश में सबसे ज्यादा 72 प्रतिशत उम्मीदवार सीपीआई के हैं। उसके बाद दूसरा नम्बर आरएलडी का है। उसके 36 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं भाजपा के 24 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि कांग्रेस के 21 प्रतिशत उम्मीदवार इस श्रेणी में हैं।
651 उम्मीदवार हैं करोड़पति
धनबल की बात करें तो इस बार मात्र 27 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी सम्पत्ति दस लाख से कम हैं। ऐसे 507 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस बार चुनाव मैदान में 651 उम्मीदवार करोड़पति हैं। करोड़पति उम्मीदवारों का अगर तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवार ज्यादा करोड़पति हैं। कुल करोड़पतियों में इनकी हिस्सेदारी 60 प्रतिशत की है। अध्ययन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि चुनाव हमारी उम्मीद के मुताबिक सही दिशा में नहीं जा रहे हैं। पार्टियों ने आपराधिक बेकग्राउंड वाले उम्मीदवार को टिकट क्यों दिया? क्या उनके पास साफ छवि वाले उम्मीदवार का विकल्प नहीं था? इसका जवाब उनके पास नहीं है।
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