April 25, 2026

News Chakra India

Never Compromise

टीएमसी की महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा में प्रस्ताव पास, संसद सदस्यता रद्द, बहस के बाद एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट मंजूर

टीएमसी की महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा में प्रस्ताव पास, संसद सदस्यता रद्द, बहस के बाद एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट मंजूर

आज लोकसभा में महुआ मोइत्रा से जुड़े ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट पेश होने के बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया।

एनसीआई@नई दिल्ली

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई। लोकसभा में गुरुवार को कैश-फॉर-क्वेरी मामले में एथिक्स कमेटी ने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पर चर्चा के बाद ध्वनि मत से वोटिंग हुई। विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। इसके बाद रिपोर्ट मंजूर हो गई। एथिक्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में महुआ के खिलाफ आरोपों को गम्भीर बताया था और कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान टीएमसी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने महुआ मोइत्रा को बोलने का मौका देने की मांग की थी, हालांकि, बीजेपी सांसद ने इस मांग का विरोध किया और स्पीकर इस मांग पर राजी नहीं हुए।

दरअसल, महुआ पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे थे। साथ ही महुआ पर अपने दोस्त हीरानंदानी को संसद की लॉगइन आईडी और पासवर्ड शेयर करने का भी आरोप लगा था। एथिक्स कमेटी ने इन आरोपों को सही बताया।

चर्चा के दौरान किसने क्या कहा?

संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को पांचवां दिन था। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा में एथिक्स कमेटी ने रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है। साथ ही रिपोर्ट में महुआ के खिलाफ आरोपों को गम्भीर बाताया गया है और कार्रवाई की मांग की गई है।

रिपोर्ट पेश होने के बाद संसद में विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया और नारे लगाए। हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने इस पर चर्चा के लिए समय दिया। दोपहर 2 बजे से एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद ने पूछा कि महुआ मोइत्रा पर एक्शन की इतनी जल्दी क्या है? कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, महुआ को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। कमेटी ये कैसे तय कर सकती है कि सांसद को क्या सजा दी जाए। इसका फैसला सदन करेगा। ये न्याय के अधिकार के खिलाफ है।

मनीष तिवारी की आपत्ति पर ओम बिरला ने कहा, ये सदन है, कोर्ट नहीं है। न ही मैं न्यायाधीश हूं, मैं लोकसभा स्पीकर हूं।

वहीं, रिपोर्ट पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर से अपील की कि सांसदों को रिपोर्ट को पढ़ने के लिए 3-4 दिन का समय देना चाहिए, ताकि वह चर्चा के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने कहा, मामले की गम्भीरता और महत्व को देखते हुए, मैं अनुरोध करूंगा कि सदस्यों को रिपोर्ट का अध्ययन करने और सदन में चर्चा के लिए खुद को तैयार करने के लिए कम से कम 3 से 4 दिनों का पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने कहा, ये रिपोर्ट 104 से ज्यादा पेजों की है, ऐसे में इसे पढ़ने के लिए और चर्चा में प्रभावी ढंग से भाग लेने के लिए पर्याप्त समय देने की जरूरत है। टीएमसी ने मांग की कि महुआ को सदन में बोलने का मौका मिलना चाहिए।

बीजेपी का जवाब- महुआ ने मानी आईडी शेयर करने की बात

बीजेपी सांसद हिना गावित ने कहा, महुआ ने पैसे लेकर सवाल पूछे। महुआ को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिला। मैंने 2 घंटे में पूरी रिपोर्ट पढ़ी। महुआ ने माना है कि उन्होंने अपनी आईडी दी। हीरानंदानी के बयान दर्ज किए गए हैं। इस घटना की वजह से पूरे सदन और सांसदों की छवि देश और दुनियाभर में खराब हुई है। कोई द्रौपदी का चीरहरण कर रहा है, अलग-अलग देवियों का नाम लिया जा रहा है। हम सांसद के नाते यहां बैठते हैं, हम अपने संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधि बैठते हैं, उनसे जुड़े सवाल करते हैं, न कि किसी प्राइवेट व्यक्ति से जुड़ा सवाल करने आते हैं।

उन्होंने कहा, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, 2005 में भी जिस दिन रिपोर्ट आई थी, उसी दिन 10 सांसदों को निष्कासित कर दिया गया था।

बीजेपी सांसद प्रह्लाद जोशी ने कहा, इसी सदन में पश्चिम बंगाल के सोमनाथ चटर्जी जब स्पीकर थे, तब 10 सांसदों को सदन से निष्कासित किया गया था। जब उनसे पूछा गया कि सांसदों को समय नहीं दिया गया, तब उन्होंने कहा था कि सभी सांसदों को एथिक्स कमेटी के सामने बात रखने का समय दिया गया था। ऐसे में अब अनुमति देने का सवाल उठता नहीं है।

बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, यह विषय बहुत अहम है। यह संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ मामला है। हम एथिक्स की बात कर रहे हैं। हम सिद्धांतों की बात कर रहे हैं। जब कोई सांसद चुना जाता है तो वह लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। जब हम इस जिम्मेदारी में चूक करते हैं तो प्रश्न उठेंगे। जो महुआ ने किया, वो सही था या गलत, हम सब अपने दिल पर हाथ रखकर बोलें कि ये सही था या गलत। तीन बैठकें हुईं, इन्हें समुचित समय दिया गया, लेकिन इन्होंने बदतमीजी की, असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल किया. और बाहर निकल गईं।

इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा, ”मां दुर्गा आ गई हैं, अब देखेंगे…जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। उन्होंने ‘वस्त्रहरण’ शुरू किया, अब आप ‘महाभारत का रण’ देखेंगे।”

बीजेपी ने किया पलटवार

महुआ के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, चीरहरण द्रौपदी का हुआ था, शूर्पणखा का नहीं। इस मामले में महाभारत नहीं होगा। महाभारत के कृष्ण और अर्जुन तो इधर हैं, पीएम मोदी और अमित शाह… महाभारत धर्म की रक्षा के लिए हुआ था। महुआ ने अधर्म किया है। महाभारत में भी अधर्म की हार हुई थी और धर्म की जीत हुई थी। इस बार भी धर्म की जीत होगी।

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट पेश होने के बाद समिति की सिफारिश के आधार पर महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता को खत्म करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इस दौरान विपक्ष रिपोर्ट पर मत विभाजन मांग कर सकता है, इसलिए बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर आज सदन में रहने के लिए कहा है।

अधीर रंजन चौधरी का भी आया बयान

महुआ मोइत्रा मामले पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि उनके पास उसे (महुआ) निकालने के लिए कुछ नहीं है। वे उसे बुला सकते थे, उसकी निंदा कर सकते थे। कोई साक्ष्य नहीं है। ये बदले की भावना से सामने आ रहा है। वहीं, कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा है कि यह देखना होगा कि सदन में क्या रिपोर्ट पेश की जा रही है। अगर रिपोर्ट में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की बात कही गई है तो वह इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

रिपोर्ट पेश होने के बाद स्पीकर फैसला करेंगे

वहीं, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदम्बरम ने कहा है कि यह सरकार का एक दुस्साहस है। अगर सरकार यह दुस्साहस करेगी तो वे महुआ मोइत्रा की झोली में 50 हजार वोट और डाल देंगे। वहीं, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि लोकसभा के बिजनेस में यह मुद्दा लिस्टेड है। आगे की कार्रवाई क्या होगी, इसका फैसला स्पीकर करेंगे। पहले रिपोर्ट पेश होगी, इसके बाद स्पीकर फैसला लेंगे।

कैश-फॉर-क्वेरी केस में फंसी हैं महुआ

विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने 9 नवम्बर को एक बैठक में ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ के आरोप पर महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। कमेटी के 6 सदस्यों ने रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया था। इनमें कांग्रेस सांसद परनीत कौर भी शामिल थीं, जिन्हें पहले पार्टी से निलम्बित कर दिया गया था।

विपक्षी दलों से सम्बन्धित पैनल के 4 सदस्यों ने असहमति नोट पेश किए थे। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट को ‘फिक्स्ड मैच’ करार दिया था। बीजेपी के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे की ओर से दायर शिकायत की समिति ने समीक्षा की थी। उल्लेखनीय है कि महुआ मोइत्रा को तभी निष्कासित किया जा सकता है, जब सदन पैनल की सिफारिश के पक्ष में वोट करे।

पहले चार दिसम्बर को पेश होनी थी रिपोर्ट

उल्लेखनीय है कि यह रिपोर्ट पहले चार दिसम्बर के निचले सदन के एजेंडे में सूचीबद्ध थी, लेकिन इसे पेश नहीं किया गया। कई विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया है कि मोइत्रा पर निर्णय लेने से पहले सिफारिशों पर चर्चा होनी चाहिए। बसपा सांसद दानिश अली ने गुरुवार को कहा था कि अगर रिपोर्ट पेश की जाती है तो पूर्ण चर्चा पर जोर दिया जाएगा, क्योंकि मसौदा ढाई मिनट में अपनाया गया था। विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने 9 नवम्बर को एक बैठक में ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ आरोप पर मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट अपनाई थी।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.