एनसीआई@जयपुर
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा का इंतजार लम्बा होता जा रहा है। सोमवार को होने वाली बैठक भी टलने के पूरे आसार हैं। इसकी वजह राष्ट्रपति का लखनऊ दौरा माना जा रहा है। राजस्थान के पर्यवेक्षक बनाए गए राजनाथ सिंह लखनऊ के सांसद हैं। इसलिए उनकी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में मौजूदगी प्रस्तावित है।
अभी तक विधायकों के पास विधायक दल की बैठक को लेकर कोई सूचना नहीं है। पार्टी पदाधिकारियों ने भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया है। विधायक दल की बैठक मंगलवार या फिर बुधवार तक भी खिसक सकती है।
वसुंधरा राजे से मिलने कई विधायक पहुंचे
ऐसे असमंजस भरे महौल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार सुबह दिल्ली से जयपुर पहुंचीं। इसके बाद दोपहर में राजे के 13 सिविल लाइंस आवास पर भाजपा विधायक मिलने पहुंचने लगे। विधायक दल की बैठक से पहले वसुंधरा से विधायकों का मिलना स्वभाविक रूप से एक बार फिर अटकलबाजियों को जन्म देने वाला रहा। वसुंधरा राजे से मिलने वालों में विधायकों के साथ पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल भी शामिल रहे।
अनुभवी मुख्यमंत्री होना जरूरी
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा- राजस्थान के बिगड़े आर्थिक हालातों को देखते हुए अनुभवी मुख्यमंत्री का चयन होना जरूरी है। फिलहाल राजस्थान में सिर्फ वसुंधरा राजे ही अनुभवी नेता हैं। इस बात को राजस्थान की जनता भी महसूस कर रही है। सारा राजस्थान यही मांग कर रहा है। मैं भी यही चाहता हूं कि वसुंधरा राजे राजस्थान की अगली मुख्यमंत्री बननी चाहिएं।

ये विधायक वसुंधरा राजे से मिलने पहुंचे
डेगाना के विधायक अजय सिंह किलक, शेरगढ़ के बाबू सिंह राठौड़, बिलाड़ा के अर्जुन लाल गर्ग, कोलायत के अंशुमान सिंह भाटी, बाली के पुष्पेंद्र सिंह राणावत, निंबाहेड़ा के श्रीचंद कृपलानी, बगरू के कैलाश वर्मा, गुड़ामालानी के केके विश्नोई, वैर के बहादुर सिंह कोली, नदबई के जगत सिंह व भादरा के संजीव बेनीवाल आज वसुंधरा राजे से मिलने वालों में शामिल रहे। इससे पहले 5 दिसम्बर को करीब 45 विधायकों ने वसुंधरा से मुलाकात की थी।
नड्डा का विधायकों से संवाद
इससे पहले शनिवार रात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का विधायकों से संवाद हुआ । वीसी के जरिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा सभी नवनिर्वाचित विधायकों से जुड़े। विकसित भारत संकल्प यात्रा और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर उनसे बात की। जेपी नड्डा ने नव निर्वाचित विधायकों को जीत के बाद टास्क भी दे दिया है। विधायकों को 17 दिसम्बर तक संकल्प यात्रा की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

नड्डा ने विधायकों से कहा-अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी रूट लाइन तय करें। कई विधायक 3 से 6 बार के हैं। उन्होंने पहले भी कई अभियानों को गति दी है। जो युवा विधायक जीतकर आए हैं, उनके जोश से अभियान को गति मिलेगी। वीसी में राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी जुड़े थे। करीब 20 मिनट नड्डा ने विधायकों से संवाद किया।इस बीच बाबा बालकनाथ ने अपने सीएम बनने को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरे बारे में लगाए जा रहे कयासों को नजरअंदाज करें। मुझे अभी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।
