April 29, 2026

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10 वीं के छात्र का स्कूल में हार्ट फेल, कक्षा में जाने से ठीक पहले अचानक गश खाकर बरामदे में गिरा, फिर नहीं उठ सका, एक दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन

10 वीं के छात्र का स्कूल में हार्ट फेल, कक्षा में जाने से ठीक पहले अचानक गश खाकर बरामदे में गिरा, फिर नहीं उठ सका, एक दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन

एनसीआई@बांदीकुई (दौसा)

बांदीकुई कस्बे के एक प्राइवेट स्कूल में शनिवार सुबह एक ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी को हिला दिया, गमगीन कर दिया। दरअसल, इस स्कूल की 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 16 वर्षीय छात्र की स्कूल में ही अचानक हार्ट फेल हो जाने से मौत हो गई। एक दिन पहले ही इसका जन्मदिन मनाया गया था।

यह छात्र शनिवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब स्कूल पहुंचा था। वह कक्षा में घुसने से पहले ही बाहर बरामदे में गश खाकर गिर पड़ा। अक्समात हुई इस घटना को देख रिसेप्शनिस्ट दौड़कर गया और छात्र को संभाला। दूसरे छात्र भी वहां पहुंच गए। फिर स्कूल प्रबंधन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, मगर वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

पुलिस ने यह बताया

बांदीकुई थाना के सीआई प्रेमचंद ने इस बारे में बताया कि शहर के पंडितपुरा रोड स्थित एक निजी स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले यतेन्द्र (16) पुत्र भूपेन्द्र उपाध्याय के साथ यह हादसा हुआ। उसके नीचे गिरते ही स्कूल प्रशासन उसे लेकर बांदीकुई सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां करीब 10 मिनट की कोशिश के बाद डॉ. पवन जारवाल ने यतेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने छात्र की मौत का कारण हार्ट फेल बताया है। बच्चे के परिजनों ने उसके शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टर के डिक्लेरेशन और छात्र की मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर उनके उनके अलवर जिले में स्थित पैतृक गांव नरवास के लिए रवाना हो गए।

एक दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन

यतेन्द्र के पिता भूपेन्द्र उपाध्याय ने बताया- यतेन्द्र का शुक्रवार, 5 जुलाई को 16वां जन्मदिन था। इस उपलक्ष्य में उसने स्कूल में टॉफियां बांटी थीं। घर पर केक काटकर खुशी मनाई थी। परिवार के लोगों के साथ फोटो भी खिंचवाया था। इस दौरान पूरा परिवार खुश था। मगर आज अचानक उसकी मौत से वे खुशियां गम में बदल गईं।

दिल में था छेद

उपाध्याय ने बताया- बचपन से ही यतेन्द्र के दिल में छेद था। इसलिए उसका इलाज चल रहा था। तीन साल पहले उसे जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में भी भर्ती करवाया गया था। शायद आज उसके हार्ट ने चलना बंद कर दिया।

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