दिल्ली दंगा: इंटेलीजेंस ऑफिसर अंकित शर्मा मर्डर केस में आम आदमी पार्टी के तत्कालीन पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 दोषी करार, फैसला सुनते ही कोर्ट में फफक कर रोने लगा, चाकुओं से गोद कर की थी बर्बर हत्या
एनसीआई@नई दिल्ली
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दिल्ली कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, 6 अन्य आरोपियों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। यह फैसला सुनते ही कोर्ट में मौजूद ताहिर हुसैन रोने लगा। ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी से पार्षद होने के साथ अरविंद केजरीवाल व संजय सिंह का करीबी माना जाता था। ताहिर हुसैन के घर की छत पर हिंसा करने के लिए विभिन्न सामानों का जखीरा जमा मिला था। आरोपियों की सजा का ऐलान बाद में होगा।
यह मामला वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए साम्प्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा हुआ है। 26 फरवरी 2020 को उनका शव चांदबाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी गैरकानूनी जमावड़े तथा आपराधिक साजिश का हिस्सा थे, जिसके चलते दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की गई।
भीड़ को हिन्दुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत ने माना था कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
ताहिर हुसैन पर आईपीसी की धारा 505, 109 और 114 के तहत भी आरोप तय किए गए थे। आरोप तय करते समय ट्रायल कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि ताहिर हुसैन ने भीड़ को हिन्दुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया और उन्हें ‘किसी को न छोड़ने’ के लिए कहा।
घर का सामान खरीदने निकले थे अंकित, फिर नहीं लौटे
अभियोजन के अनुसार, इस मामले में 26 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस शिकायत में कहा गया था कि 25 फरवरी को अंकित शर्मा घर का सामान खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि चांदबाग इलाके से एक युवक को खजूरी खास के नाले में फेंका गया है। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की हत्या के लिए ताहिर हुसैन और उसके सहयोगी जिम्मेदार हैं।
अंकित शर्मा मर्डर केस में ये थे आरोपी
दिल्ली दंगों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम ने 2 जून, 2020 को दो चार्जशीट दायर की थी। एक चार्जशीट में उन्होंने ताहिर हुसैन को मुख्य साजिशकर्ता बताया।पुलिस जांच के अनुसार, पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे कराने के लिए “गहरी साजिश” थी। आरोपियों में ताहिर हुसैने के साथ-साथ गुलफाम, मोहम्मद रियान, आबिद, कासिम, शाह आलम, बिलाल, फैजान, सलमान, मो. शादाब और अरुण शामिल थे। इनमें से ताहिर हुसैन, पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद, नाजिम, कासिम, अनस व जावेद को अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इन सभी को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी माना है।
अंकित शर्मा के शरीर पर थे 51 घाव
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या करके उनकी लाश को चांद बाग इलाके में स्थित एक नाले से फेंक दी गई थी। उन पर लगातर हमला किया गया था। अंकित शर्मा के शरीर पर हमले के 51 निशान मिले थे।
