एनसीआई@बूंदी
जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर ने मातृ शिशु स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सीएचसी हिंडोली एवं पीएचसी बड़ा नयागांव का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत ऑनलाइन पंजीयन एवं QR कोड के माध्यम से पर्ची कटवाने की प्रक्रिया का स्वयं अनुभव लिया। उन्होंने खुद QR कोड स्केन कर पर्ची कटवाई और कर्मचारियों से डिजिटल पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी ली।

दवाइयों के रख-रखाव और कोल्ड चेन मेंटेनमेंट की जांच की
डॉ. सामर ने संस्थान में सफाई व्यवस्था, शौचालय, लेबर रूम, वार्ड, स्टोर रूम एवं बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की स्थिति देखी। बारिश के मौसम को देखते हुए दवाइयों के रख-रखाव और कोल्ड चेन मेंटेनमेंट की भी जांच की। उन्होंने स्टोर रूम में रखे कंडम सामान का नियमानुसार निस्तारण करने तथा स्टोर को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। वार्ड में मरीजों के पलंग पर बिछाई जाने वाली चादरों की व्यवस्था भी जांची।
सीएमएचओ ने मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर चिकित्सा संस्थान में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों की समस्याएं सुनकर सम्बंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें बेहतर एवं संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मातृ शिशु स्वास्थ्य दिवस के तहत उन्होंने गर्भवती महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा बच्चों के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मौसमी बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने मौसमी बीमारियों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सा संस्थान प्रभारियों को निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। सर्पदंश के मरीजों के उपचार के लिए एंटीवेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही हर घर सर्वे के दौरान घर-घर जाकर मौसमी बीमारियों से संबंधित सर्वे किया जाए तथा आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाएं।

डॉ. सामर ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। उन्होंने संस्थान प्रभारियों को व्यवस्थाएं माकूल रखने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
