एनसीआई@अजमेर
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के रिक्रूटमेंट पोर्टल से छेड़छाड़ के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सामने आया है कि आरोपी माइनिंग इंजीनियर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और कोडिंग की मदद से आरपीएससी की असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर-2024 भर्ती के पोर्टल में छेड़छाड़ की थी। आरोपी वर्तमान में झारखंड में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में कार्यरत है। साइबर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी (सिटी) हिमांशु जांगिड़ ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार मीणा (27) पुत्र गुलाबराम मीणा, दौसा का रहने वाला है। वह वापस राजस्थान आना चाहता था, इसलिए उसने आरपीएससी की सहायक खनिज अभियंता (असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर) भर्ती परीक्षा-2024 में अपना चयन सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल से छेड़छाड़ की थी।
जांच में पता चला कि आरोपी का नाम प्रोविजनल वेटिंग लिस्ट में चल रहा था। उसने फर्जी एसएसओ आईडी (SSO ID) और जीमेल आईडी बनाकर AI टूल्स की मदद से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रक्रिया को बायपास करने की कोडिंग तैयार की। इसके बाद उसने पोर्टल पर उसी के वर्ग में उससे आगे चल रहे अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र विड्रॉ (वापस) कर दिए, ताकि वेटिंग लिस्ट में उसका नम्बर ऊपर आ सके और उसका चयन हो जाए।
संदेह से बचने के लिए अपनाई शातिर चाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी वेटिंग लिस्ट में दूसरे नम्बर पर था। यदि वह केवल पहले नंबर के अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त करता, तो सीधा शक उसी पर जाता। इसलिए उसने संदेह से बचने के लिए वेटिंग लिस्ट में क्रमांक-1, 4 और 6 पर चल रहे तीन अभ्यर्थियों के आवेदन फर्जी लिंक जनरेट कर खुद ही विड्रॉ (वापस) कर दिए। सम्बंधित अभ्यर्थियों के मोबाइल पर जब आवेदन विड्रॉ के मैसेज पहुंचे, तो उनमें हड़कम्प मच गया।
आरपीएससी प्रोग्रामर की शिकायत से खुला मामला
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब आरपीएससी के एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर (Analyst-cum-Programmer) रघुवीर गुर्जर ने अजमेर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रिक्रूटमेंट पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश कर रिकॉर्ड में हेराफेरी की है और अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत डेटा से छेड़छाड़ कर भर्ती प्रक्रिया की शुचिता को प्रभावित करने का प्रयास किया है।
BHU से बीटेक, SAIL में माइनिंग इंजीनियर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक (B.Tech) किया था। इसके बाद उसका चयन SAIL में माइनिंग इंजीनियर के पद पर हुआ और वर्तमान में वह झारखंड में पदस्थापित है। आरोपी हाल ही में छुट्टी पर दौसा आया हुआ था।
VPN और दूसरे का वाई-फाई इस्तेमाल किया
आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल किया। वह किसी अन्य व्यक्ति के वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर पोर्टल पर लॉगिन कर रहा था। हालांकि, पुलिस मुख्यालय के साइबर विशेषज्ञों और अजमेर पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसके डिवाइस और आईपी (IP) एड्रेस को ट्रेक कर लिया।
हेड कांस्टेबल रामदयाल और कांस्टेबल सोनू ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान पुख्ता की, जिसके बाद उसे दौसा के कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हाईटेक साजिश में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था।
