बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के संस्थापक सदस्य आरके सिन्हा का नोएडा स्थित आवास पर निधन हो गया। वह SIS ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन थे। उन्होंने 1974 में पटना से कम्पनी की शुरुआत की थी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना ले जाया जाएगा।
एनसीआई@पटना
बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति आरके सिन्हा का निधन हो गया है। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से पटना ले जाया जाएगा। सिन्हा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अन्तरराष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। उनके निधन से राजनीतिक व कारोबारी क्षेत्र के साथ कायस्थ समाज में भी भारी शोक की लहर है।
आरके सिन्हा राजनीति के साथ-साथ कारोबार की दुनिया में भी एक जाना-पहचाना नाम थे। वह सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड यानी SIS ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन थे। आरके सिन्हा ने वर्ष 1974 में पटना में SIS की नींव रखी थी। उनकी अगुवाई में कम्पनी ने सुरक्षा और मानव संसाधन सेवाओं के क्षेत्र में देश-विदेश में अपना कारोबार बढ़ाया। आज SIS भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में सेवाएं दे रही है।
36 हजार से ज्यादा स्थायी कर्मचारी व 3 हजार से अधिक कॉर्पोरेट ग्राहक
SIS कम्पनी एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मैनपावर सिक्योरिटी कारोबार की प्रमुख कम्पनियों में शामिल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके साथ 36 हजार से ज्यादा स्थायी कर्मचारी जुड़े हुए हैं और इसके 3 हजार से अधिक कॉर्पोरेट ग्राहक हैं।

आरके सिन्हा बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। उन्होंने पार्टी के साथ लम्बे समय तक काम किया और राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। राजनीति के अलावा उन्होंने उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। पटना से शुरू हुआ उनका सुरक्षा सेवा कारोबार आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा।
कुल सम्पत्ति करीब 1 अरब डॉलर
जनवरी 2025 में भी एक बैठक के बाद घर लौटते समय आरके सिन्हा को अचानक ब्रेन स्ट्रोक आया था। इसके बाद उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था और लम्बे समय तक उनका इलाज चला था। 2025 में फोर्ब्स के हवाले से उनकी सम्पत्ति करीब 1 अरब डॉलर बताई गई थी।
ऐसा रहा व्यक्तिगत जीवन
सिन्हा के परिवार में उनकी पत्नी रीता किशोर सिन्हा, बेटे ऋतुराज किशोर सिन्हा और बेटी रिवोली सिन्हा हैं। आरके सिन्हा का जन्म 22 सितंबर 1951 को बिहार के बक्सर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम सूरज प्रसाद सिन्हा था। आरके सिन्हा ने शुरुआती पढ़ाई बक्सर से की थी। पटना के एएन कॉलेज से राजनीति विज्ञान और कानून की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया। वो शुरुआत में ‘द सर्चलाइट’ और ‘प्रदीप’ जैसे अखबारों के लिए काम करते थे। आगे चलकर उन्होंने SIS ग्रुप की स्थापना की।
SIS ग्रुप में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं रीता सिन्हा

पत्नी रीता किशोर सिन्हा SIS ग्रुप में वर्तमान में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उनके पास आर्ट्स (हिंदी) में बैचलर डिग्री और रांची यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर डिग्री है। उन्हें लीगल फील्ड में लगभग 32 साल का अनुभव है और वे अभी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में एनरोल्ड हैं।
बेटे ऋतुराज किशोर राजनीति और कारोबार, दोनों में सक्रिय
आरके सिन्हा के बेटे ऋतुराज किशोर सिन्हा राजनीति और कारोबार, दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं और एसआईएस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभालते हैं। ऋतुराज सिन्हा ने यूनाइटेड किंगडम में बैंकिंग में अपना करियर शुरू किया और 2002 में SIS जॉइन किया। SIS में, उन्होंने 2017 में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अपॉइंट होने से पहले बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉर्पोरेट फाइनेंस और ऑपरेशंस में लीडरशिप रोल निभाए।

2002 में उनके जॉइन करने के बाद से, ग्रुप का रेवेन्यू FY2026 में ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹15,982 करोड़ हो गया है। इस टाइम में, ग्रुप तीन फ्रंट पर बढ़ा है। अपने कोर सिक्योरिटी बिज़नेस को इलेक्ट्रॉनिक और टेक-इनेबल्ड सिक्योरिटी में गहरा करना, अपनी सर्विसेज को फैसिलिटी मैनेजमेंट, पेस्ट कंट्रोल और कैश लॉजिस्टिक्स में डायवर्सिफाई करना, और APAC (ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर) में इंटरनेशनल मार्केट में ज्योग्राफिकली एक्सपैंड करना। उन्होंने 2007 में इंडियन सिक्योरिटी सेक्टर में पहला प्राइवेट इक्विटी ट्रांजेक्शन पूरा किया और तब से ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स के साथ 12 एक्विजिशन और 3 JVs को लीड किया है। 2017 में, SIS इंडिया में अपने सेक्टर की पहली कम्पनी बनी जो स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई।
उन्होंने 2014 से 2022 तक FICCI प्राइवेट सिक्योरिटी सेक्टर कमेटी के चेयरमैन के तौर पर काम किया है और मिनिस्ट्री ऑफ़ लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट के सेंट्रल एडवाइज़री बोर्ड और मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफ़ेंस की हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी में काम किया है। वह इंटरनेशनल सिक्योरिटी लीग (स्विट्ज़रलैंड) और IIM बोधगया के बोर्ड में भी काम करते हैं। द दून स्कूल और हार्वर्ड केनेडी स्कूल के पुराने स्टूडेंट, उन्होंने लीड्स यूनिवर्सिटी बिज़नेस स्कूल से BBA और लंदन बिज़नेस स्कूल से MBA किया है। काम के अलावा, उन्हें वाइल्डलाइफ़ में भी गहरी दिलचस्पी है।
ऋतुराज की शादी पल्लवी सिन्हा से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं। इनके नाम आद्या, अमायरा और अहान राज सिन्हा हैं। ऋतुराज की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके परिवार से जुड़ी यह जानकारी दी गई है।
बेटी रिवोली सिन्हा क्या करती हैं?
आरके सिन्हा की बेटी का नाम रिवोली सिन्हा है। उन्हें रिवोली सिन्हा अग्रवाल के नाम से भी जाना जाता है। रिवोली सिन्हा एक एंटरप्रेन्योर हैं और उन्हें हॉस्पिटेलिटी, QSR, FMCG सेक्टर में 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने नर्चरयू एंटरप्राइजेज शुरू किया, जो हेल्थ फ़ूड सेक्टर के शुरुआती स्टार्ट-अप्स में से एक है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की लीडिंग रिटेल चेन, बूस्ट जूस बार्स को जूस्ट जूस बार्स ब्रांड के तहत भारत लाने में अहम भूमिका निभाई है।

जूस्ट इंडिया ने हॉस्पिटल, जिम, हाईवे और एयरपोर्ट जैसी नई जगहों पर तेज़ी से विस्तार किया है। वह A2dya ऑर्गेनिक्स को एक चैनल वाला रास्ता देकर ग्रोथ की स्ट्रेटेजी बना रही हैं, जिससे बिज़नेस को सफलता मिली है। रिवोली सिन्हा ने स्विट्जरलैंड के दुनिया भर में मशहूर लेस रोचेस होटल स्कूल से ग्रेजुएशन किया है। वह गोवा में शहरी खानाबदोशों के लिए एक नए ज़माने के होटल, इंडी नोवा में पार्टनर भी हैं।
आरके सिन्हा का परिवार और कारोबारी विरासत
आरके सिन्हा ने 1974 में पटना से सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज यानी एसआईएस की शुरुआत की थी। उनका मकसद पूर्व सैनिकों को रोजगार देना था। एक छोटे कमरे से शुरू हुआ यह कारोबार आगे चलकर बड़ा निजी सुरक्षा सेवा समूह बना। अब परिवार की अगली पीढ़ी भी इस कारोबार को आगे बढ़ा रही है। बेटे ऋतुराज कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि पत्नी रीता और बेटी रिवोली भी कंपनी के बोर्ड से जुड़ी रही हैं।
