एनसीआई@कोटा
जिला स्तरीय पर्यटन विकास समिति की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने जिले में आने वाले पर्यटकों की दृष्टि से प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विकास के बारे में चर्चा की। बैठक में समारिया ने पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण चम्बल रिवर फ्रंट, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सफारी सुविधाओं, चम्बल बोट सफारी आदि पर चर्चा की।
जिला कलक्टर ने ग्रामीण हाट बाजार शुरू करने एवं चम्बल बोट सफारी की दरों के निर्धारण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लक्खी बुर्ज एवं जग मंदिर में कैफेटेरिया शुरू करने की निविदा की प्रगति के बारे में पूछा। 15 अगस्त तक इसकी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही, ईको टूरिज्म, हिस्टोरिकल टूरिज्म एवं धार्मिक पर्यटन को बढावा देने के लिए डॉक्यूमेंट्री तैयार करने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार के बारे में भी चर्चा हुई।
वाइल्ड कर्नाटका डॉक्युमेंट्री की तर्ज पर बनेगी डॉक्युमेंट्री
डीएफओ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व मुथु एस ने बताया कि वाइल्ड कर्नाटका डॉक्युमेंट्री की तर्ज पर राजस्थान में भी डॉक्युमेंट्री बनाई जाएगी। इसमें हाड़ोती रीजन की वाइल्ड लाइफ भी शामिल की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व में वन विभाग की गाइड लाइन के अनुसार पर्यटन सफारी के लिए नए सफारी वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की तर्ज पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधीन चम्बल बोट सफारी, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एवं अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क जैसे स्थानों की ऑनलाइन बुकिंग की दिशा में काफी प्रगति हुई है। अगस्त माह से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में अभी क्यूआर कोड स्केन कर बुकिंग की जा सकती है।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रमुख पर्यटन स्थल जग मंदिर एवं लक्खी बुर्ज केफैटेरिया के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने, गैपरनाथ महादेव मंदिर में पर्यटकों के दौलतगंज रोड की तरफ से प्रवेश दिए जाने, नयापुरा बाग के समीप स्थित ऐतिहासिक घोड़े तथा चम्बल गार्डन के निकट स्थित ऐतिहासिक हाथी एवं घोड़े के सौन्दर्यीकरण कार्य, शहर के प्रवेश मार्ग बड़गांव बावड़ी के आसपास अतिक्रमण हटाकर लेंडस्केपिंग के माध्यम से सौंदर्यीकरण किए जाने पर चर्चा की गई।
लाइट एंड साउंड शो पर भी विचार
शहर के किसी प्रमुख ऐतिहासिक स्थल पर लाइट एंड साउंड शो शुरू करने पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने शहर के प्रवेश मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों की दूरी के बारे में जानकारी देने तथा प्रवेश मार्गों के सौन्दर्यीकरण के सम्बंध में केडीए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। पर्यटन से जुडे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि गरड़िया महादेव, चम्बल बोट सफारी, गैपरनाथ महादेव, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क, चम्बल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन पार्क, गढ़ पैलेस आदि को शामिल करते हुए दो से तीन दिन के पैकेज तैयार कर देशभर में टूर ऑपरेटरों को भेजे गए हैं और आगामी पर्यटन सीजन में अच्छा रेस्पॉन्स आने की संभावना है।
इन्टेक कन्वीनर निखलेश सेठी ने शहर के ऐतिहासिक स्वरूप को निखारने के सम्बंध सुझाव दिए। बैठक में सहायक निदेशक पर्यटन संदीप श्रीवास्तव ने पिछली बैठकों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में ये भी रहे मौजूद
बैठक में उपायुक्त नगर निगम दया सैनी, संयुक्त निदेशक साख्यिकी वेदप्रकाश चौधरी, अधिशाषी अभियंता केडीए महेन्द्र सक्सेना, हाड़ोती ट्यूरिज्म डवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष आरएस तोमर, सचिव आलौकिक जैन, होटल व्यवसायी राजीव गुप्ता, होटल फेडरेशन कोटा संभाग के कोषाध्यक्ष अंकुर गुप्ता सहित पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से जुड़े अनिल मून्दडा, नीरज भटनागर, संदीप कोठारी आदि मौजूद रहे।
