निर्वस्त्र मिली महिला के अपहरण और गैंगरेप के मामले में सामने आई यह सनसनीखेज सच्चाई, पुलिस भी रह गई दंग
एनसीआई@भीलवाड़ा
जिले के थाना गंगापुर में महिला के अपहरण और गैंगरेप की घटना झूंठी पाई गई है। जांच में सामने आया कि अपने आप को पीड़ित बताने वाली महिला खुद अपनी मर्जी से आरोपियों के साथ थी।
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पुलिस के अनुसार झामपुरा चौराहा के पास आमली रोड पर 9 सितम्बर की रात करीब पौने नौ बजे एक निर्वस्त्र औरत के चिल्लाने की सूचना मिली। इस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। महिला ने पुलिस को बताया कि 8 बजे के करीब उसका हुआ किडनैप और एक खंडहर बिल्डिंग में उसके साथ गैंग रेप हुआ है। इस पर पीड़िता को मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मौके पर एफएसएल की टीम भी बुलाई गई।
पुलिस को फोन में वॉइस रिकॉर्डिंग मिली
पुलिस का कहना है कि मौके पर उस महिला का जो मोबाइल फोन मिला, उसमें इस महिला की आरोपियों से फ़ोन पर हुई वॉइस रिकॉर्डिंग मिली। बाद में और जांच की गई तो घटना का पूरा सच सामने आ गया। दरअसल उड़ीसा निवासी 25 वर्षीय पीड़िता की 6 वर्ष पूर्व दलाल के माध्यम से 50 वर्ष के विकलांग व्यक्ति से शादी हुई थी। छोटू सरगरा, निवासी आमली गंगापुर ने 7 बजे से 7.51 बजे तक महिला से मोबाइल पर बात कर आने के लिए कहा। इसके लिए रुपए भी तय हुए। इसके बाद छोटू बाइक पर महिला को बैठाकर ले गया। रास्ते में गिरधारी भी उसी बाइक पर पीछे बैठ गया। दोनों ने उस महिला को आमली रोड पर किनारे बने खंडहर में ले जाकर शारीरिक सम्बन्ध बनाए।
पति के डर से गलत तथ्य बताए
पुलिस के अनुसार गिरधारी पीड़िता का पूर्व परिचित है। वह उसे रात भर रुकने की जिद करने लगा था। वह इससे डर कर निर्वस्त्र ही भाग कर सड़क किनारे आ गई। इस पर राहगीरों ने उसे शॉल देकर थाने में फोन किया। पुलिस का दावा है कि महिला ने प्रारम्भ में पति के डर से ग़लत तथ्य बताए थे। पुलिस ने बाद में मौके से भागे छोटू सरगरा व गिरधारी को डिटेन कर लिया। पुलिस के अनुसार महिला ने प्रारम्भ में गलत जानकारी इसलिए दी कि पति को पता चला तो वह उसे छोड़ देगा।
