February 28, 2021

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वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप: फाइनल की रेस में 3 टीमें; भारत को टॉप-2 में बने रहने के लिए 120 पॉइंट की जरूरत, 6 मुकाबले खेलने हैं

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नई दिल्ली15 घंटे पहले

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टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है। (फाइल फोटो)

वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की दौड़ अब रोमांचक हो गई है। न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट जीतकर खुद को फाइनल की रेस में खड़ा कर लिया है। टीम इंडिया को अभी 2 सीरीज में कुल 6 मुकाबले खेलने हैं। यदि न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज 2-0 से जीत लेती है तो इससे टीम इंडिया के लिए परेशानी हो सकती है। ऐसे में टीम इंडिया को टॉप-2 में जगह पक्की करने के लिए 6 में 3 मुकाबले जीतने होंगे।

WTC का फाइनल अगले साल जून में पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 टीमों के बीच खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूजीलैंड की टीमों के बीच टॉप-2 में पहुंचने के लिए जंग जारी है। हालांकि साल का अंत भारतीय टीम WTC में दूसरे नंबर पर रहकर करेगी। नए सिस्टम में टीमों की रैंकिंग उनके पॉइंट्स के आधार पर नहीं, बल्कि पॉइंट्स के पर्सेंटेज के आधार पर की जा रही है।

ऑस्ट्रेलिया टॉप और भारत दूसरे नंबर पर
दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने जीत हासिल की। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बस 4.2% का फर्क रह गया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम WTC के पाइंट्स टेबल 76.6% के साथ टॉप पर है। वहीं, भारत 72.2% के साथ दूसरे नंबर पर है। पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद न्यूजीलैंड ने तीसरे स्थान पर अपना दावा और मजबूत कर लिया।

न्यूजीलैंड 66.7% के साथ तीसरे और इंग्लैंड 60.8% के साथ चौथे नंबर पर है। हालांकि इसके बाद की टीमों का पॉइंट्स पर्सेंटेज चौथे नंबर पर काबिज इंग्लैंड का लगभग आधा है। उन्हें पॉइंट्स टेबल में ऊपर आने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और लगभग सभी मैच और सीरीज जीतने होंगे।

पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के लिए राह मुश्किल
पाकिस्तान की टीम 34.6% के साथ पांचवें और साउथ अफ्रीका 28% के साथ छठवें नंबर पर है। श्रीलंका 26.7% के साथ सातवें और वेस्टइंडीज 11.1% के साथ 8वें नंबर पर है। नीचे की 4 टीमों का पॉइंट्स टेबल में ऊपर आना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया-भारत के अलावा न्यूजीलैंड मजबूत दावेदार
अभी जिस तरह की स्थिति है उसमें सिर्फ न्यूजीलैंड और इंग्लैंड ही ऐसी टीमें हैं जो भारत और ऑस्ट्रेलिया को टॉप-2 से नीचे कर सकने की स्थित में हैं। न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को टेस्ट सीरीज में हराया था। वहीं, इंग्लैंड को फरवरी में भारत के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है।

इन समीकरण से रोमांचक हो जाएगी टेस्ट चैम्पियनशिप
अगर न्यूजीलैंड पाकिस्तान के खिलाफ दूसरा टेस्ट भी जीत लेता है। साथ ही इंग्लैंड भारत को हरा देता है और ऑस्ट्रेलिया साउथ अफ्रीका से हार जाता तो ये टेस्ट चैम्पियनशिप बहुत रोमांचक हो जाएगी। क्योंकि, पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहने वाली दो टीमें जून में होने वाले फाइनल में आमने-सामने होंगी।

टीम इंडिया को टॉप-2 में बने रहने के लिए 120 पॉइंट चाहिए

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले भारत का औसत पॉइंट 75, न्यूजीलैंड का 62.50 था। अब यदि न्यूजीलैंड की टीम पाक से सीरीज 2-0 से जीत लेती है तो उसका औसत 70 हो जाएगा। ऐसे में टीम इंडिया को 70 से अधिक औसत के लिए करीब 120 पॉइंट की जरूरत है। भारत को अभी 2 सीरीज (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) में कुल 6 मुकाबले खेलने हैं। इनमें से टीम को 4 मैच जीतने होंगे।

2 जीत और 4 ड्रॉ रहने पर भी टीम इंडिया टॉप-2 में क्वालिफाई कर जाएगी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक और जीत राह आसान कर देगी। ऑस्ट्रेलिया यदि भारत के खिलाफ चार मैचों की सीरीज 3-1 से जीत लेता है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतिम सीरीज 1-1 से ड्रॉ भी रहती है तो वह टॉप-2 में रहेगी।

नया सिस्टम कैसे काम करता है?
कोई टीम अगर अपनी सभी 6 सीरीज खेलती है तो अधिकतम 720 पॉइंट्स पा सकती है। 6 सीरीज में अगर टीम के कुल 480 पॉइंट्स होते हैं तो उसका पर्सेंटेज पॉइंट 66.67% होगा। वहीं, कोई टीम अगर 5 सीरीज ही खेलती है तो मैक्सिमम पॉइंट्स 600 हो जाएंगे। पांच सीरीज खेलने वाली इस टीम के अगर 450 पॉइंट्स होते हैं तो उसका पर्सेंटेज पॉइंट्स 75% होंगे। ऐसे में 5 सीरीज खेलने वाली टीम 6 सीरीज खेलकर 480 पॉइंट्स पाने वाली टीम से ऊपर रहेगी।

कैसे बांटे जाते हैं पॉइंट
एक सीरीज में चाहे दो मैच हों, चाहे पांच, सीरीज के लिए कुल 120 पॉइंट्स होते हैं। इस तरह छह सीरीज के लिए अधिकतम 720 पॉइंट्स होंगे। यानी, अगर दो मैच की सीरीज है तो एक मैच जीतने पर टीम को 60 पॉइंट्स मिलते हैं। वहीं, पांच मैचों की सीरीज है तो एक मैच जीतने पर 24 पॉइंट्स मिलते हैं। मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को बराबर पॉइंट्स मिलते हैं। 1 अगस्त 2019 को इंग्लैड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया टेस्ट मैच इस चैम्पियनशिप का पहला मैच था।

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