एनसीआई@कोटा
शहर की एक दुकान पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा दल ने संदिग्ध प्रतीत होने पर 19.16 क्विंटल अर्थात 1 हजार 916 किलो सोहन केक एवं इंडियन स्वीट को सीज किया। साथ ही 2 नमूने लिए। वहीं रामगंजमंडी कस्बे में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 4 नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई।

बूंदी जिले से ऐसे जुड़े तार
दरअसल, शहर के किशोरपुरा थाना अधिकारी चेतन शर्मा से प्राप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा दल 187, सिंधी कॉलोनी स्थित दुकान का निरीक्षण करने पहुंचा। दुकान मालिक बृजेश नानवानी पुत्र दौलत राम ने इसे जमना शंकर नामक व्यक्ति को किराए पर देना बताया। जमुना शंकर ने दुकान में मौजूद मिठाई उसके द्वारा बूंदी जिले के नमाना गांव में बनाए जाने की बात कही गई। दुकान का निरीक्षण करने पर 48 कार्टन में से प्रत्येक कार्टन में 40-40 किलो, इस प्रकार कुल 19.20 क्विंटल अर्थात 1 हजार 920 किलो सोहन केक मिला। इसे जमुना शंकर ने सोहन रिफाइंड तेल, लिक्विड ग्लूकोस, इलायची, मिल्क पावडर, मिल्क एवं शुगर से निर्मित बताया। प्रथम दृष्टया यह संदिग्ध प्रतीत हो रहा था।
इसके अलग-अलग लोट में से दो नमूने लेकर शेष 19.16 क्विंटल अर्थात 1 हजार 916 किलो सोहन केक एवं इंडियन स्वीट को किशोरपुरा थानाधिकारी चेतन शर्मा की मौजूदगी में सीज कर दुकान मालिक बृजेश नानवानी व माल के स्वामी जमुना शंकर की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवाया गया।
रामगंजमंडी की दुकानों पर भी आकस्मिक निरीक्षण
इसके साथ ही रामगंजमंडी कस्बे में दर्जनभर मावा व मिठाई की दुकानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मावा, बर्फी व मलाई बर्फी के 4 नमूने लिए। खाद्य प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादौन, मोजीलाल कुंभकार, रोहित गुप्ता, दिव्या संत शामिल रहे।
उच्च समन्वय से चल रहा है अभियान
‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेट्री गायत्री राठौर के संरक्षण में अविचल चतुर्वेदी आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान के निर्देशन में एवं अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह व जिला कलेक्टर कोटा पीयूष सामरिया एवं सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के सुपरविजन में दीपावली के पर्व पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका होने से यह कार्रवाई की गई।
