दुनिया का सबसे मीठा फल: कम लागत-अधिक मुनाफा
आज के समय में बड़ी मात्रा में किसान औषधीय पौधों की खेती करने लगे हैं, किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयासरत सरकार भी इसे प्रोत्साहित कर रही है
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
देश में खेती के इस बदलाव वाले दौर में कम लागत और अधिक मुनाफा किसानों को औषधीय पौधों की खेती की तरफ आकर्षित कर रहा है। यही कारण है कि आज के समय में बड़ी मात्रा में किसान औषधीय पौधों की खेती करने लगे हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयासरत सरकार भी इसे प्रोत्साहित कर रही है। इस प्रकार औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए लाभ का बड़ा जरिया बन गई है। इसमें वर्तमान हालात यह हैं कि मांग की तुलना में उत्पादन कम होने से उन्हें दाम अच्छे मिल रहे हैं।
इसे माना दुनिया का सबसे मीठा फल
इसी तरह का एक प्रमुख औषधीय पौधा है अंजीर। आज भारत में कई राज्यों के किसान इसकी खेती कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंजीर में 83 प्रतिशत चीनी होती है। इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे मीठा फल माना जाता है। उत्पादन लागत कम होने के अलावा देखभाल की विशेष जरूरत नहीं होने के कारण अंजीर की खेती में आसानी है। वहीं इससे आय भी अच्छी हो जाती है। एक एक्सपर्ट रिपोर्ट के अनुसार किसान भाई अंजीर के पूरी तरह तैयार एक पौधे से एक बार में 12 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।
गर्मी के मौसम में होती है खेती, यह है तरीका
राजस्थान के किसानों के लिए खुशी की बात है कि अंजीर के पौधे को विकास करने के लिए गर्मी की जरूरत होती है। एक और बड़ी बात यह है कि इसे किसी भी तरह की मिट्टी में लगाया जा सकता है। इसकी खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए। इसकी खेती के लिए सामान्य बारिश की ही जरूरत होती है। इसमें विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि अंजीर की खेती के लिए पुरानी फसलों के अवशेषों को पूरी तरह साफ करना जरूरी होता है। उसके बाद मिट्टी को भुरभुरा बनाया जाता है। फिर पाटा चलाकर मिट्टी को समतल कर दिया है, ताकि जलभराव जैसी समस्या न रहे।
खेत को समतल बनाने के बाद उसमें पांच मीटर की दूरी बनाते हुए पंक्तियों में गड्ढे तैयार किए जाते हैं। गड्ढों को दो फीट चौड़ा और 1.5 फीट गहरा खोदा जाता है। इन गड्ढों के तैयार होने के बाद उनमें उचित मात्रा में जैविक और रासायनिक उर्वरक को मिट्टी में मिलाते हैं। इसके बाद अच्छे से सिंचाई की जाती है। जल निकासी के अच्छे इंतजाम वाले खेत में ही अंजीर की खेती करने की सलाह दी जाती है।
अधिक उत्पादन के लिए इसकी खेती हल्की दोमट मिट्टी में करना सबसे सही माना जाता है। सर्दी का मौसम अंजीर के पौधों के लिए अनुकूल नहीं होता। इसके पौधे गर्मी के मौसम में अच्छी तरह विकास करते हैं और इसके फल भी गर्मियों के मौसम में पक कर तैयार होते हैं।
दो साल बाद पैदावार देना शुरू कर देते हैं पौधे
ज्यादा उत्पादन प्राप्त करने के लिए अंजीर की उन्नत किस्मों का चुनाव जरूरी है। भारत में अंजीर की खेती कई राज्यों में की जा रही है। क्षेत्र और वहां के जलवायु के हिसाब से इसके किस्मों का किसान चयन करते हैं। ‘दिनकर’ अंजीर की किस्म को महाराष्ट्र में अधिक उगाया जाता है। वहीं इंडियन रॉक, ब्राउन टर्की, कृष्णा, एलीफेंट ईयर ब्रन्सविक, ओसबॉर्न, वींपिंग फिग और सफेद फिग जैसी कई किस्मों को भी किसान उगाते हैं। भारत में कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसकी खेती होती है।
अंजीर के पौधे लगभग दो साल बाद पैदावार देना शुरू कर देते हैं। इसके चार-पांच साल पुराने एक पौधे से 15 किलो के आसपास फल प्राप्त होते हैं, जिनकी मात्रा पौधों के विकसित होने के साथ-साथ बढ़ती जाती है। इसके फल बड़े आकार वाले और स्वादिष्ट होते हैं। अंजीर के फल पीले रंग के होते हैं, जिन पर गुलाबी जामुनी रंग की आभा बनी होती है।
स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक
अत्यंत स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर फल अंजीर का इस्तेमाल स्वास्थ्यवर्धक के रूप में भी होता है। रिपोर्ट के अनुसार, अंजीर में विटामिन ए, बी 1, बी 2, केल्शियम, आयरन और फास्फोरिक जैसे कई लाभकारी तत्व पाए जाते हैं।
अंजीर के पांच प्रमुख फायदे
1- वजन घटाने में सहायक
मोटापे से परेशान लोगों को अंजीर खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन दूध के साथ इसका सेवन करने से वजन बढ़ भी सकता है।
2- यौन रोगों में लाभदायक
अंजीर के बारे में पारम्परिक रूप से माना जाता है कि इसके सेवन से यौन दुर्बलता ठीक होती है। हालाकि इस प्रभाव का कहीं स्पष्ट प्रमाण नहीं है। कहा जाता है कि 2-3 अंजीर रात में दूध में भिगोकर सुबह खाने से यौन शक्ति बढ़ती है और प्रजनन क्षमता दुरुस्त होती है।
3- हड्डियां मजबूत होती हैं
अंजीर में केल्शियम भी काफी मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में हड्डियों की कमजोरी दूर करने के लिए अंजीर का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इससे हड्डियों का समुचित विकास होता है।
4- हाईबीपी में लाभकारी
अंजीर में पोटेशियम उच्च मात्रा में और सोडियम निम्न मात्रा में पाया जाता है। इससे यह ब्लड प्रेशर और हाईपर टेंशन को कम करता है। इससे तनावमुक्त जीवन पाने में आसानी होती है।
5- पेशाब सम्बन्धी बीमारियों में लाभ
अंजीर का सेवन पेशाब से सम्बन्धित समस्याओं से भी निजात दिलाता है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है और केल्शियम को रोकता है।
