पर्युषण महापर्व : स्नातक पूजा एवं प्रवचन हुए, वार्षिक कर्तव्य पालन के लिए प्रेरित किया
एनसीआई@बूंदी
जैन धर्म के पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन स्नातक पूजा एवं प्रवचन हुआ। इसमें समाज बंधुओं को वार्षिक कर्तव्य की जानकारी दी गई। साथ ही सभी को इन कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित भी किया।
ये 11 कर्तव्य बताए–
1. संघ पूजा 2. साध धर्मिक भक्ति 3. धार्मिक यात्रा 4. स्नात्र महोत्सव 5.देव द्रव की वृद्धि 6.महापूजा 7. रात्रि जागरण 8. ज्ञानभक्ति 9. उद्यापन 10. शासन प्रभावना 11.आलोचना ह्दय शुद्धि।
इसके उपरांत पांच बोली लगाई गई। इसमें मत्ती ज्ञान, शुद्ध ज्ञान, अवधि ज्ञान, मन परिवार ज्ञान, केवल ज्ञान एवं अंत में कल्प सूत्र के वाचन की बोली लगाई गई। पर्व के अंतर्गत धर्म की गंगा बूंदी संघ में बहेगी।
स्वाध्याय के लिए आए हुए विपुल दक, विपिन राणावत व कुंज शाह द्वारा विभिन्न धार्मिक क्रियाएं, पूजन, प्रतिक्रमण एवं रात्रि प्रभु भक्ति का आयोजन किया जाएगा।
पर्यूषण संयोजक सौरव भंडारी एवं समाज के आदित्य भंडारी ने बताया कि इसी के साथ संघ में अक्षय निधि तप, मोक्ष तप, उपवास, एकासना आदि तपस्या चल रही है। इसी के साथ दिन में गवली भी सिखाई जा रही है, जिसमें श्रावक-श्राविकाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
