प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान : हाईकोर्ट ने इन 5 केटेगिरी के पट्टों को जारी करने पर लगाई रोक
एनसीआई@जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने पट्टा वितरण को लेकर बड़े आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ ने राज्य सरकार की ओर चलाए जा रहे प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान में 5 अहम केटेगिरी में पट्टा जारी करने पर रोक लगा दी है।
इस रोक के बाद अब पार्क की भूमि, वन भूमि, गोचर भूमि, मन्दिर की भूमि और कच्ची बस्तियों के पट्टे जारी नहीं होंगे। जोधपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संगीत राज लोढ़ा और जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने रोशन व्यास की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह रोक लगाई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोज बोहरा ने पक्ष रखते हुए हाईकोर्ट को बताया कि सरकार प्लान के अनुसार पट्टे जारी नहीं कर रही है। कोर्ट ने पूर्व में जारी आदेश में सेक्टर प्लान, मास्टर प्लान और जोनल प्लान के अनुसार प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रदेश में योजना के तहत पट्टे जारी करने पर रोक लगा दी है। अब 22 अक्टूबर को मामले में फिर से सुनवाई होगी।
अभियान मार्च तक चलने की सम्भावना
उल्लेखनीय है कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने हाल ही में महात्मा गांधी जंयती पर 2 अक्टूबर से ‘प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान’ की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत राज्य के स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास विभाग ने पूरे प्रदेश में 10 लाख पट्टे दिए जाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से विभाग ने तीन दिन में 80 हजार पट्टे जारी भी कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जारी किये जाने वाले पट्टों की संख्या अलग है। यह अभियान मार्च तक चलने की सम्भावना है।
इनमें जो छूट दी गई उसकी समय सीमा फिलहाल मार्च तक रखी गई है। अभियान तक सरकार ने पट्टा जारी करने में काफी रियायतें दे रखी हैं। इनमें यूडी टेक्स आदि में छूट दी गई है। अभियान को गति देने में मंत्री से लेकर संतरी तक सब जुटे हुए हैं।
