नगर परिषद की उपसभापति का खुलासा: मुझे भी देनी पड़ी थी परिषद में रिश्वत, पार्षद बनने से पहले रुपए देकर काम करवाया
एनसीआई@अलवर
भ्रष्टाचार के मामलों में जबरदस्त तरीके से सुर्खियों में रही अलवर नगर परिषद में रिश्वत को लेकर एक और खुलासा खुद नई उपसभापति ने ही करके धमाका कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्षद बनने से पहले उन्हें भी नगर परिषद में काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ी थी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व उपसभापति घनश्याम गुर्जर के सस्पेंड होने के बाद शुक्रवार को उप सभापति देवेन्द्र कौर ने कार्यभार संभाला है। पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पार्षद बनने से पहले वह खुद भी किसी काम के एवज में पैसा दे चुकी हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार को बड़ी चुनौती बताया। कहा कि नगर परिषद भ्रष्टाचार के कारण बदनाम रही है। इसे खत्म करना है। भ्रष्टाचार नहीं हो, इसके लिए वह पूरा प्रयास करेंगी। गौरतलब है कि उपसभापति प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं।
मैं चाहती हूं किसी को पैसे नहीं देने पड़ें
कौर ने कहा कि उनके सामने कई चुनौतियां हैं। मैं चाहती हूं कि आमजन के काम समय पर हों। मेरा यह कहना है कि अपना हक छोड़ना नहीं चाहिए और दूसरों का खाना नहीं चाहिए। मैं तो यह चाहती हैं कि अब कोई यह नहीं कहे कि पैसे देकर काम कराया है। नगर परिषद आने के बाद खुश होकर जाएं। इसी धारणा के साथ काम करूंगी।
पूर्व सभापति जेल में
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व सभापति बीना गुप्ता जेल में है। उन्हें एसीबी ने 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसके अलावा भी परिषद में भ्रष्टाचार के मुद्दे छाए रहे हैं। बोर्ड की बैठकों में कई बार पार्षदों ने जिम्मेदारों पर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े आरोप लगाए हैं।
