April 17, 2026

News Chakra India

Never Compromise

सब्जियों के कीड़ों से बच्चे के दिमाग में हो गई थी आधा किलो की गांठ, सिर में रहता था दर्द, बार-बार पड़ते थे दौरे, जा सकती थी जान, ऑपरेशन कर निकाली

सब्जियों के कीड़ों से बच्चे के दिमाग में हो गई थी आधा किलो की गांठ, सिर में रहता था दर्द, बार-बार पड़ते थे दौरे, जा सकती थी जान, ऑपरेशन कर निकाली

एनसीआई@कोटा

एक बच्चे के दिमाग में आधा किलो की गांठ थी। इसे ऑपरेशन कर निकाला गया है। बड़ी बात यह है कि उसके दिमाग में यह गांठ सब्जियों के कीड़ों की वजह से बनी थी। डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर इस गांठ को निकाल कर बायोप्सी के लिए भेज दिया है। सात साल का यह बच्चा गणेश, शिवपुरी के कोलारस गांव का रहने वाला है।

गणेश को एक महीने से सिर दर्द और उल्टी होने की शिकायत बनी हुई थी। इसके अलावा उसे बार-बार दौरे भी पड़ रहे थे। उसे कई अस्पतालों में दिखाया गया, मगर फायदा नहीं हो रहा था।

इसी क्रम में गणेश को उसके परिजन कोटा में झालावाड़ रोड स्थित एक निजी न्यूरो हॉस्पिटल में लेकर आए। यहां डॉ. संजय जायसवाल और न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल सतीजा ने बच्चे की एमआरआई करवाई। इसमें बच्चे के सिर में दाहिनी तरफ एक बड़ी गांठ पता चली। डॉक्टर ने पूरी स्थिति से परिजनों को अवगत करवाया और ऑपरेशन का निर्णय लिया। एंडोस्कोपी की सहायता से इस बच्चे का ऑपरेशन किया गया। उसके सिर से आधा किलो से ज्यादा वजन की गांठ निकली।

समय पर ऑपरेशन था जरूरी, वरना जा सकती थी जान

डॉ. सतीजा के अनुसार सिर में गांठ होने पर उसके किसी भी समय फटने का डर बना रहता है। इसके चलते बच्चे को लकवा हो सकता था। वह कोमा में भी जा सकता था। इसके अलावा उसकी मौत भी हो सकती थी। ऐसे में समय रहते ऑपरेट हो जाने से मरीज अब सामान्य है और आगामी जीवन ठीक से जी सकता है।

सब्जियों से कीड़ा शरीर में जाकर बना लेता है गांठ

डॉ. राहुल सतीजा ने बताया कि इस बीमारी को टेप वार्म इन्फेक्शन कहा जाता है। दूषित सब्जियों व साफ नहीं की गई सब्जियों के कारण एक प्रकार का कीड़ा शरीर में चला जाता है। ऐसे कीड़े कोशिकाओं को तोड़कर उनकी गांठ बना देते हैं। ये रक्त के जरिए शरीर के अन्य भागों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। इस कीड़ा 70 प्रतिशत लीवर, 20 प्रतिशत ब्रेन और 5 से 10 प्रतिशत लंग्स को प्रभावित करता है। इसलिए सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और उबालकर ही खाना चाहिए। इस कीड़े की वजह से बीमारी बड़ों की तुलना में 10 साल तक के बच्चों में ज्यादा होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.