कन्हैयालाल हत्याकांड से पहले विवादित नारे लगवाने के 2 आरोपी गिरफ्तार, पाकिस्तान के नम्बरों पर होती थी बात
एनसीआई@उदयपुर
कन्हैयालाल की हत्या के पहले विवादित नारे लगवाने वाले गुलाम दस्तगीर और हफिज कादरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्होंने 20 जून को नुपूर शर्मा के खिलाफ हुए प्रदर्शन में नारे लगवाए थे।
कन्हैयालाल हत्याकांड मामले के बाद पुलिस एक के बाद एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच रही है। अभी गिरफ्तार किए गए इन दो आरोपियों में से एक युवक हिस्ट्रीशीटर है। वहीं, दूसरा युवक समाज के कार्यक्रमों में कलमा और नात पढ़ने का काम करता था। कॉल डिटेल्स में युवक के पाकिस्तान से कई नम्बरों पर बात करना भी सामने आया है। आरोपियों ने जूलुस में विवादित नारे लगाकर युवाओं को जमकर उकसाया था। इस जुलूस में कन्हैयालाल की हत्या करने वाले आरोपी रियाज और गौस सहित अन्य सभी आरोपी भी पहुंचे थे।
एक बदमाश के खिलाफ 10 मामले दर्ज
दरअसल, जुलूस के कुछ वीडियो के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को आइडेंटिफाई किया है। इसके बाद गुलाम दस्तगीर (40) पुत्र मोईनुद्दीन रिजवी निवासी सिलावटवाड़ी और हफिज कादरी (34) पुत्र हबीब खान दीवान शाह कॉलोनी, पटेल सर्कल को गिरफ्तार किया गया। गुलाम के खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, हफिज कादरी के खिलाफ पहले से धार्मिंक वैमनस्यता फैलाने का मामला दर्ज है। उसका चालान न्यायालय में पेश हो चुका है।
मौन जुलूस की शर्तों का उल्लंघन किया
भूपालपुरा थानाधिकारी हनवन्त सिंह सोढ़ा ने बताया कि नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मुस्लिम समुदाय द्वारा अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मुजिम सिद्दकी के नेतृत्व में मौन जुलुस के आयोजन हुआ था। जूलुस में समुदाय के उदयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने जुलुस में शर्तों का उल्लंघन कर बड़े लाउडस्पीकर लगाकर धार्मिक वैमनस्यता फैलाने की कोशिश की। इसी दौरान कई भड़काऊ नारे लगाये गए थे। सोढ़ा ने बताया कि पूरे मामले की जांच करते हुए और कुछ और लोगों को पकड़ा जा सकता है।
