चम्बल पेयजल परियोजना से हिंडोली-नैनवां क्षेत्र की पेयजल समस्या का होगा स्थाई समाधान: चांदना
एनसीआई@बूंदी
युवा मामले, खेल तथा सूचना एवं जनसम्पर्क राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि 30 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हिंडोली में 974 करोड़ रुपए की चम्बल पेयजल परियोजना की आधारशिला रख हिंडोली-नैनवां क्षेत्र के लोगों की पेयजल समस्या का हमेशा के लिए समाधान कर देंगे। इस परियोजना से हिंडोली-नैनवां के हर घर में नल कनेक्शन से पीने का पानी पहुंचेेगा।

चांदना गुरुवार को हिंडोली क्षेत्र के उमर, पगारा, पेच की बावड़ी, रोशंदा, टोकड़ा, हिंडोली, काछोला, बड़ा नयागांव, चतरगंज, मांगलीकला, बड़ौदिया व बड़ा नयागांव के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों के सम्बन्ध में चर्चा भी की।

राज्यमंत्री ने कहा, जिले के हिंडोली-नैनवां क्षेत्र के लोगों को वर्षों से गर्मी शुरू होने के साथ ही पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी के दूर होने का समय आ गया है। हिंडोली में हजारों क्षेत्रवासी इस पल के साक्षी बनेंगे। परियोजना से लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना से क्षेत्र के लोगों के घरों में नल कनेक्शन देकर पेयजल मुहैया करवाया जाएगा।

राज्यमंत्री ने कहा कि, राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हिंडोली-नैनवां क्षेत्र की जनता को 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगाते देंगे। आजादी के बाद पहली बार हिंडोली में आयोजित इस कार्यक्रम में हिंडोली-नैनवां विधानसभा क्षेत्र में एक साथ 5 कॉलेजों के शिलान्यास भी होंगे। इस क्षेत्र के लिए यह ऐतिहासिक दिन होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों से क्षेत्र के चहुमुंखी विकास को पंख लग जाएंगे।
चांदना ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग की 161 करोड़ रुपए, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 974 करोड़ रुपए, 325 करोड़ रुपए लागत के मेडिकल कॉलेज, 21 करोड़ की लागत से नर्सिंग कॉलेज, 10.5 करोड़ की लागत से आईटीआई, 4.5 करोड़ की लागत से राजकीय महाविद्यालय तथा 6.5 करोड़ की लागत से कृषि महाविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। इन विकास कार्यों से यह क्षेत्र पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के मामले में कभी पीछे नहीं रहेगा।

इस दौरान उप जिला प्रमुख बंशीलाल मीणा, पंचायत समिति सदस्य बलराम मीणा, पूर्व जिला परिषद सदस्य सतीश गुर्जर आदि जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।
