राजस्थान: कोतवाली के आगे पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने वाले व्यक्ति की जोधपुर एम्स में मौत, दुष्कर्म के आरोप से था परेशान
3 अगस्त को खुद को लगाई थी आग, 13 दिन तक जिन्दगी और मौत के बीच झूलते हुए 70 फीसदी झुलसे गोरधनराम ने 16 अगस्त को तोड़ा दम
एनसीआई@जैसलमेर/जोधपुर
13 दिन तक मौत और जिन्दगी के बीच झूलते जैसलमेर जिले के देवा गांव निवासी 50 वर्षीय गोरधनराम माली की आखिरकार 16 अगस्त को जोधपुर एम्स में मौत हो गई। जैसलमेर सिटी कोतवाली के बाहर 3 अगस्त को उसने खुद के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली थी। इससे वह करीब 70 फीसदी झुलस गया था।
उल्लेखनीय है कि देवा गांव के रहने वाले गोरधनराम माली (50) ने उसके साथ लिव इन रिलेशन में रहने वाली महिला के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को डाक के जरिए रिपोर्ट भेजी थी। इसमें उसने कहा था कि वह उसके साथ सितम्बर 2010 से लिव इन रिलेशनशिप में रहता है। यह बात उसके घर वालों को भी पता है। कुछ समय पहले से उसके भाइयों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। 31 जुलाई को उससे 4 लाख रुपए की मांग भी की गई। इसी दिन गांधी कॉलोनी स्थित उसके घर से, जहां वे लिव इन में रहते थे, 40 तोला चांदी, साढ़े छह तोला सोना व 78 हजार रुपए चुरा लिए। इस पर पुलिस ने 1 अगस्त को चोरी के मामले में आईपीसी की धारा 379 के तहत केस दर्ज कर एसआई सुरतान सिंह को जांच सौंप दी थी।
वहीं, इसके बाद महिला की ओर से गोरधनराम के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया। थानाधिकारी तेज करण परिहार ने बताया कि महिला ने इस रिपोर्ट में कहा था कि गोरधनराम और उसकी 4-5 साल से दोस्ती थी और वे लिव इन में रहते थे। इस दौरान गोरधनराम ने उसके साथ जबरदस्ती की। इस पर पुलिस ने धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इसी घटनाक्रम के बीच गोरधनराम 3 अगस्त को कोतवाली थाने के बाहर पहुंचा। उसने मुख्य द्वार पर खड़े होकर कहा कि उसने महिला के खिलाफ चोरी का जो मामला दर्ज करा रखा है, पुलिस उसमें कुछ भी कार्रवाई नहीं कर रही है। यह कहकर उसने साथ लाए पेट्रोल को खुद पर डाल कर आग लगा ली। इसके बाद वह चिल्लाता हुआ मुख्य रोड पर भागने लगा। वहीं, यह जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी भागकर पहुंचे और आग बुझाकर बेहोशी की हालत में गोरधनराम को अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गम्भीर हालत होने से जोधपुर एम्स रेफर कर दिया। वहां मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया।
