राजस्थान: मॉब लिंचिंग मामले में ऐसे बनी बात, शव के अंतिम संस्कार को तैयार हुआ परिवार
एनसीआई@अलवर
गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के रामबास गांव के चिरंजीलाल माली (45) की मॉब लिंचिंग के बाद 15 अगस्त, सोमवार को जयपुर अस्पताल में हुई मौत के मामले में आक्रोशित परिजनों व प्रशासन के बीच मंगलवार दोपहर को सहमति बन गई। इसके बाद परिवार शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गया।

इससे पूर्व मंगलवार सुबह 7 बजे करीब आक्रोशित परिजन व अन्य ग्रामीणों रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग को बल्लियां लगाकर जाम कर दिया। ये लोग पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। परिवार तीनों मांगें पूरी न होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गया। इसके बाद दोपहर करीब सवा दो बजे प्रशासन व परिवार के बीच सहमति बन गई। तब जाकर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ।
परिवार को यह दिया आश्वासन
प्रशासन की ओर से लक्ष्मणगढ़ उपखंड अधिकारी लाखन गुर्जर ने पीड़ित परिवार को जिला कलक्टर जितेन्द्र सोनी से बात कर परिवार को 5 लाख रुपए का तुरंत मुआवजा दिलाने और 50 लाख रुपए मुआवजे व सरकारी नौकरी का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजने का आश्वासन दिया। मृतक चिरंजीलाल के बेटे योगेश से उपखंड अधिकारी लाखन गुर्जर ने बात की। सहमति बनने के बाद दोपहर ढाई बजे करीब रामगढ़-गोविंदगढ़ सड़क मार्ग से जाम हटा लिया गया।
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पुलिस पर लगाया गम्भीर आरोप
इससे पहले चिरंजीलाल के बेटे योगेश ने पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि सुबह साढ़े छह बजे जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी वहीं पर मौजूद थे। मगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की बजाय छोड़ दिया था। परिवार ने यह आरोप भी लगाया था कि आरोपी घटना के बाद खुले में घूमते रहे, वहीं पुलिस एफआईआर दर्ज होने का इंतजार करती रही।
विरोध में बाजार, सब्जी मंडी बंद
इस वारदात का विरोध होते देख क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आसपास के कई थानों की पुलिस भी मुस्तैद रही। जिला पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त फोर्स मौके पर तैनात की गई थी। वहीं, वारदात के विरोध में गोविंदगढ़ बाजार पूरी तरह से बंद रहा। सब्जी मंडी व्यापारियों ने भी कामकाज बंद रखा।
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
लक्ष्मणगढ़ उपखंड अधिकारी लाखन गुर्जर ने सहमति बनने से पहले कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। आरोपियों को डिटेन कर उनकी गाड़ियां जब्त की ली गई हैं। जिस ट्रेक्टर के चोरी होने की बात कही थी, उसे भी जब्त कर लिया गया है।
सूचना के बाद आरोपियों को डिटेन कर लिया है
डीएसपी कमल मीना ने बताया कि मामले में मृतक के बेटे ने सोमवार शाम रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके आधार पर एक आरोपी काे नामजद कर 25 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से कुछ को डिटेन कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की स्कॉर्पियो और पिकअप को जब्त कर लिया है।
परिवार में 11 सदस्य, अकेले कमाने वाले थे चिरंजीलाल
मृतक चिरंजीलाल के परिवार में कुल 11 सदस्य हैं। इस बड़े परिवार का पालन- पोषण वह सब्जी का ठेला लगाकर ही करते थे।
यह है पूरा मामला
14 अगस्त, रविवार को अलवर के सदर थाना क्षेत्र से चोर एक ट्रेक्टर को चोरी करके भाग रहे थे। ट्रेक्टर मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के साथ ट्रेक्टर मालिक अपने-अपने स्तर पर चोरों का पीछा कर रहे थे। चोर अपने आपको पुलिस और ग्रामीणों से घिरा देख ट्रेक्टर को बिजली घर के पास स्थित एक खेत में छोड़कर भाग गए। पुलिस से पहले ट्रेक्टर के मालिक वहां आ गए और खेत में शौच कर रहे चिरंजीलाल माली को चोर समझकर बेरहमी से पीट डाला। पिटाई से गम्भीर घायल हुए चिरंजीलाल की 34-35 घंटे बाद सोमवार को जयपुर अस्पताल में मौत हो गई थी।
