डकैत केशव की गिरफ्तारी के बाद धौलपुर पुलिस को आज फिर मिली बड़ी सफलता
एनसीआई@धौलपुर
डकैत केशव गुर्जर की गिरफ्तारी के चार दिन बाद धौलपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आज उसके दो भाइयों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक 25 हजार रुपए का इनामी डकैत है। इन पर विधायक को मारने की साजिश का भी आरोप है।
जानकारी के अनुसार डकैत केशव गुर्जर के भाई डकैत शीशराम गुर्जर और छोटू की गिरफ्तारी शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सोने का गुर्जा क्षेत्र में पीली कछार के पास से हुई है। केशव के साथ मुठभेड़ और उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस फोर्स ने पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चला रखा है। इसमें मुठभेड़ के दौरान भागे बाकी अपराधियों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है जब तक गैंग के सभी मेम्बर पकड़े नहीं जाते, तब तक यह सर्च अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने जंगल को चारों ओर से घेरा हुआ है।

केशव के बड़े सहयोगी गिरफ्त में
30 जनवरी को केशव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने अगले ही दिन उसके भाई नरेश गुर्जर और साथी बंटी पंडित को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, शीशराम गुर्जर की तलाश की जा रही थी। भरतपुर के बयाना थाना क्षेत्र में शीशराम ने अपने भाई की गैंग में शामिल होकर पहली लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
11 नवम्बर 2019 को बसई डांग के सुख सिंह का पुरा गांव में मोहर सिंह को सरपंच का चुनाव लड़ाने के लिए शीशराम और उसके साथियों ने लक्ष्मण सिंह नाम के युवक पर बंदूक के बट से जानलेवा हमला किया था। साथ ही शीशराम ने लक्ष्मण सिंह के चुनाव लड़ने पर उसके परिवार को जान से मार देने की धमकी दी थी। इसके बाद यह फरार हो गया था।
बाड़ी विधायक की हत्या की रची थी साजिश
पुलिस को साइबर से इनपुट मिले थे कि डकैत शीशराम और उसके भाई धौलपुर के जंगलों में पिछले कुछ सालों में हुई कार्रवाई के लिए बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को जिम्मेदार मानते हैं। साल 2021 में पुलिस को इनपुट मिला था कि शीशराम और छोटू इसके चलते मलिंगा को मारने की साजिश कर रहे हैं।
इसके बाद से ही पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। इनपुट के बाद 21 जनवरी 2022 को पुलिस ने धौलपुर के प्यारे का पुरा गांव में दबिश देकर केशव के भाई गब्बर और उसके 3 साथियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद गब्बर को जमानत मिल गई थी।
पुलिसवाले को मारी थी गोली
26 अक्टूबर 2020 को शीशराम गुर्जर और उसके भाई केशव गुर्जर की पहली बार पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ से पहले तत्कालीन बाड़ी सदर थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह राजावत को सूचना मिली थी कि मनाखुरी की खिरकारी की झोपड़ियों में शीशराम अपने भाई केशव और गिरोह के अन्य लोगों के साथ छिपा है।
इस सूचना पर सुबह साढ़े पांच बजे पुलिस ने जैसे ही छापा मारा तो डकैत गिरोह ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली कॉन्स्टेबल अवधेश के पेट में लग गई। इस दौरान डकैत गिरोह मौके से भाग जाने में सफल रहा था। इसके बाद पुलिस ने सर्चिंग में रेख सिंह और रंजीत नाम के 2 लोगों को मौके से हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही डकैत शीशराम और केशव को खाद्य सामग्री देने गई एक महिला भी पुलिस की पकड़ में आ गई थी।
राजस्थान के टॉप-10 बदमाशों की सूची में केशव गुर्जर
राजस्थान के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल केशव गुर्जर की तलाश के लिए पिछले 6 महीने से धौलपुर एसपी धर्मेन्द्र बीहड़ों में लगातार सर्चिंग ऑपरेशन चला रहे थे। पिछले दो मुठभेड़ में पुलिस के हाथों से बचकर निकल जाने के बाद नई रणनीति बनाते हुए एसपी ने इस बार चारों तरफ से घेराबंदी करके डकैत को दबोच लिया। पुलिस और डकैत केशव गुर्जर की सोमवार को मुठभेड़ हुई थी। इससे पहले पुलिस ने करीब 13 घंटे तक बारिश के बीच जंगलों में केशव का पीछा किया था।
6 महीने में 5 बार मुठभेड़
धौलपुर में एसपी धर्मेन्द्र सिंह की नियुक्ति होने के बाद से 6 महीने में पुलिस की केशव से 5 बार मुठभेड़ हो चुकी है। गत वर्ष नवम्बर के पहले सप्ताह में चन्द्रपुरा के बीहड़ में हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ से 190 राउंड फायरिंग हुई थी। वहीं सोमवार को मुठभेड़ के दौरान 90 से अधिक पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे। पहले की तरह इस बार मुठभेड़ में सिर्फ बाड़ी सर्किल की टीम को ही साथ लिया गया था। हालांकि सर्च ऑपरेशन में बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली सोने का गुर्जा, बाडी सीओ और कोबरा टीम शामिल थी।
