गहलोत सरकार के बजट पर पूर्व मंत्री अशरफ अली का तंज-पुराने पन्ने पलटते रहे जादूगर, जादुई छड़ी तक ही सीमित रहेंगी घोषणाएं
एनसीआई@बाड़मेर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। हालांकि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्होंने फ्री योजनाओं की झड़ी लगा दी। इस पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अशरफ अली का कहना है कि इस बजट से सभी वर्गों को निराशा हाथ लगी है। युवा, किसान, बुजुर्ग, महिला सहित प्रदेश के विकास को दरकिनार कर कोरी घोषणाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बजट पेश किया है।
अली ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को स्मार्ट कार्ड मुफ्त देने का वादा किया था। यह योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। इसी प्रकार किसानों से 6 घंटे सिंचाई के लिए बिजली देने का वादा किया था, मगर मिल 2 घंटे रही है। उनका कहना है कि यह बजट पूरी तरह निराशाजनक रहा। इससे प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगारों में बड़ा आक्रोश है। पूर्व मंत्री ने कहा- युवा बेरोजगारों की तरफ से हाथ जोड़कर निवेदन करते है कि सरकार इस गलती को सुधारे और युवा बेरोजगारों के लिए ज्यादा से ज्यादा सरकारी भर्तियों की घोषणा करे। बजट पूरी तरह से खोखला है। संविदा कर्मियों को स्थाई कर सरकार अपने कर्तव्यों से बच नहीं सकती है। प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य आज अंधकारमय है।
युवाओं को दिखाए सपने नहीं किए पूरे
अशरफ अली आगे कहते हैं कि-मुख्यमंत्री गहलोत ने युवाओं को जो सपने दिखाए थे, उन्हें इस बजट में पूरा नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री गहलोत को बालोतरा को जिला बनाने की मांग को लेकर महीनों से नंगे पैर घूम रहे खुद के विधायक तक नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार गिरल के लिग्नाइट पावर प्लांट को चला नही पाई और अब करोड़ों रुपए उसी जैसे दूसरे पावर प्लांट के लिए देकर जनता की मेहनत की कमाई को लुटा रही है। अंत में अली ने कहा कि- गहलोत सरकार का यह अंतिम बजट था और अंतिम ही रहेगा। भाजपा सरकार अगला बजट जनता के नाम करेगी।
