2 करोड़ रिश्वत मांगने की आरोपी एसओजी की सस्पेंडेड एएसपी दिव्या मित्तल के बारे में आई यह बड़ी खबर
एनसीआई@अजमेर
नशीली दवा तस्करी प्रकरण में हरिद्वार की दवा कम्पनी संचालक को गिरफ्तारी की धमकी देकर दो करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को आज शुक्रवार को अजमेर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में उनके वॉइस सेम्पल को लेकर सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने 17 फरवरी को कोर्ट में सेम्पल देने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट के आदेश पर बचाव पक्ष के वकील प्रीतम सोनी ने इस आदेश का विरोध जताया। साथ ही हाईकोर्ट में जाने की बात कही है। कोर्ट में पेशी के दौरान दिव्या मित्तल के चेहरे पर किसी तरह की शिकन नहीं दिखी।

एसओजी की तत्कालीन एएसपी दिव्या मित्तल ने उत्तराखंड के जिस ड्रग कम्पनी मालिक से 2 करोड़ रुपए की डील की थी, 16 करोड़ रुपए की शेड्यूल एच ड्रग वहीं से सप्लाई हुई थी।
रिकॉर्डिंग से पहले केस की स्टडी करें
अजमेर कोर्ट में पेशी के दौरान दिव्या ने पुलिस की मौजूदगी में मीडिया के कैमरे के सामने कहा कि रिकॉर्डिंग करने से पहले केस की स्टडी करें और इसमें और चीजें निकल कर आएंगी। बाद में वह हंसती हुई चली गई।
17 फरवरी तक जूडिशियल कस्टडी में दिव्या
दिव्या की जूडिशियल कस्टडी पूरी होने पर 3 फरवरी को एसीबी कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। इसके बाद न्यायाधीश ने दिव्या की कस्टडी 17 फरवरी तक बढ़ा दी। अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। उधर, हाईकोर्ट में जमानत याचिका भी लगाई गई है।
यह है मामला
2 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में जयपुर एसीबी की टीम ने अजमेर में 16 जनवरी को दिव्या मित्तल को पकड़ा था। दिव्या को एसीबी की टीम अजमेर से जयपुर लाई थी। माना जा रहा है कि एसओजी के किसी अधिकारी का रिश्वत में इतनी बड़ी रकम मांगने का यह पहला मामला है। इतनी बड़ी अधिकारी को ट्रेप करना भी आसान नहीं था। आरोप है कि दिव्या ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में हरिद्वार की फार्मा कम्पनी के मालिक काे गिरफ्तार नहीं करने की एवज में बर्खास्त पुलिसकर्मी सुमित कुमार के माध्यम से यह घूस मांगी थी।
