जयपुर: सगाई की बात जानकर नाबालिग गर्ल गर्लफ्रेंड ने किया झगड़ा तो बॉयफ्रेंड ने गला घोंट कर मार डाला
एनसीआई@जयपुर
बॉयफ्रेंड की सगाई हो गई तो नाबालिग गर्लफ्रेंड उससे झगड़ा करने लगी। इससे परेशान होकर बॉयफ्रेंड ने 17 जनवरी को उसे गला घोंट कर मार डाला। इसके बाद अपने भाई की सहायता से उसका शव कानोता बांध में डाल दिया। पुलिस ने इस मामले में आज मुख्य आरोपी कमल धोबी (20) पुत्र गजानंद धोबी व उसके भाई रवि धोबी निवासी पीलवा रोड, चंदवाजी, जयपुर ग्रामीण को गिरफ्तार कर लिया। प्रताप नगर पुलिस ने यह खुलासा किया है।

डीएसपी (ईस्ट) ज्ञान चन्द यादव ने रविवार को बताया कि कमल धोबी द्वारकापुरी, प्रताप नगर में किराए पर रहकर पास ही स्थित कैफे में जॉब करता है। वहीं उसका भाई रवि धोबी मानबाग, दिल्ली रोड पर किराए से रहता है। वह भी प्राइवेट जॉब करता है।
इस मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने तहकीकात की तो कमल का नाम सामने आया। पूछताछ में उसने 17 जनवरी की दोपहर नाबालिग गर्लफ्रेंड की गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार कर लिया। यह भी बताया कि बाद में अपने बड़े भाई रवि की मदद से शव को कानोता बांध में फेंक दिया था।
गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी
डीएसपी (ईस्ट) यादव ने बताया कि 18 जनवरी को एक व्यक्ति ने प्रताप नगर थाने में नाबालिग भतीजी की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि उसकी 16 साल की भतीजी 17 जनवरी से लापता है। 11वीं क्लास में पढ़ने वाली भतीजी को कैफे में जॉब करने वाला कमल धोबी कहीं ले गया था, तब से वह घर लौट कर नहीं आई। इसके बाद से पुलिस टीम कमल की तलाश कर रही थी।
14 दिन बाद बांध में मिली लाश

एसएचओ (कानोता) मुकेश कुमार खारड़िया ने बताया कि 1 फरवरी को दोपहर में कानोता बांध में कुछ मछुआरे मछली पकड़ने गए थे। वहां उन्होंने मछली पकड़ने के लिए जाल फैलाया तो एक कम्बल दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर कम्बल में युवती की लाश दिखी। उन्होंने पुलिस को यह सूचना दी। कानोता पुलिस ने मौके पर पहुंच मछुआरों की मदद से बांध में नाव उतारकर करीब एक घंटे की मशक्कत से शव को बाहर निकाला। दो दिन बाद लड़की की पहचान प्रताप नगर निवासी नाबालिग स्कूल छात्रा के रूप में हुई। इसकी गुमशुदगी दर्ज थी। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
शादी की बात को लेकर हुआ झगड़ा
डीएसपी (ईस्ट) यादव ने बताया कि नाबालिग की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। परिवार की सूचना पर कॉन्स्टेबल शंकर लाल और बजरंग लाल ने संदिग्ध कमल धोबी को पकड़कर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने नाबालिग गर्लफ्रेंड की हत्या करना स्वीकार किया।
उसने पूछताछ में बताया कि एक साल पहले उसके घर के पास ही नाबालिग से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों की दोस्ती हो गई। 17 जनवरी को कमल अपने गांव चंदवाजी से जयपुर आया। नाबालिग गर्लफ्रेंड को भैरू सर्किल प्रताप नगर से द्वारकापुरी प्रताप नगर स्थित खुद के कमरे पर लेकर गया। खुद की सगाई के बारे में बताया। यह भी बताया कि उसे उसकी ही जाति की लड़की से शादी करनी पड़ेगी। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। गुस्से में गर्लफ्रेंड का उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
बड़े भाई से मांगी मदद
हत्या के बाद कमरे में शव को लॉक कर दिया। डर के मारे वह रात को भागकर नीमराण, अलवर चला गया। अगले दिन 18 जनवरी को वापस जयपुर लौटकर आया। दिल्ली रोड मानबाग पर रहने वाले बड़े भाई रवि के घर जाकर उसे पूरी बात बताई। शव को ठिकाने लगाने के लिए भाई रवि से मदद मांगी। भाई ने उसे डेड बॉडी को कानोता बांध में डालने का सुझाव दिया।
22 किमी बाइक पर रखकर ले गए शव
18 जनवरी की देर रात दोनों भाई बाइक से द्वारकापुरी प्रताप नगर स्थित कमल के कमरे पर आए। गर्लफ्रेंड के शव को कम्बल में बांधा। शव के पैर मोड़कर कम्बल में बांध कर बाइक पर बीच में रख लिया। किराए के कमरे से रात के अंधेरे में 22 किलोमीटर दूर कानोता बांध पहुंचे। कम्बल में बंधे शव को कानोता बांध में फेंक कर लौट आए।
