होली मिलन समारोह में अरुण सक्सेना बने श्री चित्रगुप्त कायस्थ महासभा के अध्यक्ष, लगे भगवान श्री चित्रगुप्त के जयघोष
एनसीआई@बूंदी
श्री चित्रगुप्त कायस्थ महासभा बूंदी की ओर से रविवार शाम एक रिसोर्ट में होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के नए पदाधिकारियों की घोषणा के साथ उनका शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित हुआ।
नए पदाधिकारियों की घोषणा के क्रम में अरुण सक्सेना को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद सक्सेना ने अपनी कार्यकारिणी को विस्तार देते हुए एडवोकेट रविंद्र सहाय सक्सेना, चंद्रकांत सक्सेना, रघुनंदन माथुर, गिरिधर श्रीवास्तव, विजय भटनागर, राजकुमार माथुर, तहसीलदार आमोद माथुर को संरक्षक बनाया।

इन्हें भी बनाया गया पदाधिकारी
वहीं नीलम माथुर को महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष व नीलेश भटनागर को युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष घोषित किया। एडवोकेट भूपेन्द्र सहाय सक्सेना विधि सलाहकार मनोनीत किए गए। वहीं, एसपी माथुर महासभा के जिला सचिव, वैभव सक्सेना व राकेश सक्सेना सह सचिव, हर्षवर्धन भटनागर, संजय सक्सेना, संजय माथुर व अशोक सक्सेना (आरएसआरटीसी) उपाध्यक्ष, गिरीश भटनागर, दीपक सक्सेना व रवि माथुर संगठन मंत्री तथा राजेन्द्र माथुर कोषाध्यक्ष बनाए गए। भास्कर माथुर को प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
इसी क्रम में अमित सक्सेना, सचिन सक्सेना, पलाश भटनागर, अशोक सक्सेना (पोस्ट ऑफिस), राज नारायण माथुर, आकाश सक्सेना, रवि माथुर, नवीन सक्सेना, अमित सक्सेना, शरद भटनागर, मनोज सक्सेना, वैभव राज माथुर, यश सक्सेना, आशीष माथुर, सिद्धार्थ माथुर व क्षितिज माथुर सदस्य बनाए गए हैं।

ये समाजबंधु भी रहे मौजूद
इस मौके पर बड़ी संख्या में कायस्थ समाज की महिलाएं व बच्चे भी मौजूद थे। इनमें प्रमुख रूप से महेश सक्सेना, राजीव सक्सेना, मुरली मनोहर माथुर, इंजीनियर संदीप सक्सेना, अंशुल माथुर, संजीव सक्सेना, आशीष माथुर अमित सक्सेना, सचिन सक्सेना आदि शामिल थे।
इन्होंने की सहयोग की घोषणा
आयोजन में दिलीप माथुर ने समाज की गतिविधियों के लिए 11000 व चंद्रकांत सक्सेना ने 1010 रुपए भेंट किए। इसके अलावा दिलीप माथुर व नीलेश सक्सेना ने समाज के मंदिर निर्माण के समय एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। भूपेन्द्र सहाय सक्सेना ने भी इस दौरान आवश्यकतानुसार सहयोग करने का आश्वासन दिया। रघुनंदन माथुर ने कई आवश्यक सलाह दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान श्री चित्रगुप्त की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी कायस्थ समाज बंधुओं ने भगवान श्री चित्रगुप्त के जयघोष किए।
