कोटा: ‘एक एक्टर की मौत’ ने पूरे समय बांधे रखा दर्शकों को, किया रोमांचित
गंधर्व थिएटर के कलाकारों की जीवन के उतार-चढ़ावों को प्रदर्शित करती प्रस्तुति की दर्शकों ने की भूरि भूरि प्रशंसा, डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) सौरभ श्रीवास्तव और सुष्मिता श्रीवास्तव के लाजवाब अभिनय ने बांधा समां, बड़े पुलिस अधिकारी की ऐसी संवेदनशीलता ने सबको हैरान कर दिया
एनसीआई@कोटा
मंच पर दो कलाकर और दोनों ही अपने संवादों के दम पर दर्शकों को बांधे रखते हैं। ये कलाकार हैं राज्य के पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) सौरभ श्रीवास्तव और सुष्मिता श्रीवास्तव। मंच पर जीवन की हकीकत और उतार-चढ़ावों की कहानी को बखूबी पेश करते हैं सौरभ और सुष्मिता। गंधर्व थिएटर के बैनर तले रविवार को यह आयोजन हुआ एलबीएस केम्पस में। मौका था ‘एक एक्टर की मौत’ नाटक का हृदयस्पर्शी मंचन।

एलबीएस ग्रुप चेयरमैन कुलदीप माथुर ने बताया कि जीवन के उतार-चढ़ावों व एक्टर की जिन्दगी पर आधरित इस नाटक का मंचन गंधर्व थिएटर के कलाकारों ने बखूबी किया। कलाकारों ने एक-एक संवाद पर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर ओपी बुनकर, पुलिस महानिरीक्षक कोटा रेंज प्रसन्न कुमार खमेसरा, जिला पुलिस अधीक्षक कोटा शहर शरद चौधरी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कविंद्र सिंह सागर, बूंदी पुलिस अधीक्षक जय यादव, आरपीएफ कमांडेड राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद रहे।

यह कहानी एक एमेच्योर थिएटर एक्टर अक्षय और हिंदी थिएटर, फिल्म और टीवी जगत की मशहूर अदाकारा इरा की जिन्दगी के इर्द गिर्द घूमती है। अक्षय, इरा को वृद्धा आश्रम में चेरिटी शो करने के लिए आमंत्रित करता है। नाटक के रिहर्सल के दौरान दोनों अपनी-अपनी जिन्दगी के अनछुए पहलुओं को साझा करते हैं। थिएटर क्राफ्ट की बातें करते हैं और दोनों के बीच अनजानी सी दोस्ती, अबूझ सी समझ पैदा होती है। यह दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती है। कार्यक्रम में कायस्थ समाज के पदाधिकारी एवं शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

एक नजर
अक्षय साठ बरस की उम्र का एक एमेच्योर थियेटर अभिनेता है, जो पिछले चालीस वर्षों से हिन्दी रंगमंच और बाद में टीवी और फ़िल्मों की मशहूर अदाकारा इरा की ज़िन्दगी और उसके सारे अभिनय केरियर का एक अनुयायी की तरह अनुगमन कर रहा है। जब उम्र के उतार पर इरा का अभिनय केरियर समाप्ति की ओर है तो अक्षय उसे एक वृद्धाश्रम में चेरिटी शो के रूप में एक नाटक करने के लिए आमंत्रित करता है। एक ऐसा नाटक जो उसने स्वयं लिखा है- अपने और इरा के वास्ते ही। उस नाटक की रिहर्सल के दौरान वो दोनों अपनी-अपनी ज़िन्दगी के बीते दिनों की बातें करते चलते हैं और एक अनजानी सी दोस्ती, एक अबूझ सी पीड़ा और समझ उन दोनों के बीच उपजती है। यह भावना अचानक ही उभरती है, जबसे ये दोनों साथ-साथ काम करना शुरू करते हैं।

इस भावनात्मक नाटक को सौरभ श्रीवास्तव और सुष्मिता श्रीवास्तव ने बखूबी निभा कर दर्शकों का मन मोह लिया। ‘एक एक्टर की मौत’ नाटक के मूल लेखक क्रोएशियन लेखक मिरो गवरनर हैं। इसका हिन्दी नाट्य रूपांतरण सौरभ श्रीवास्तव ने किया है।


