अपनी आंखों के सामने पति सहित 4 बच्चों की हत्या करवाने वाली महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद
एनसीआई@अलवर
शहर के शिवाजी पार्क में 6 साल पहले हुए खौफनाक हत्याकांड में मंगलवार को फैसला सुनाया गया। इस मामले में अपर जिला एवं सेशन कोर्ट-2 ने महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले सोमवार को इन पर आरोप साबित हो गए थे, लेकिन, कोर्ट ने सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामले के अनुसार 2 अक्टूबर 2017 को ताइक्वांडो कोच संतोष उर्फ संध्या शर्मा ने अपने प्रेमी हनुमान के साथ मिलकर अपने पति, 3 बेटों और एक भतीजे की हत्या करवा दी थी। इस हत्याकांड में हनुमान ने अपने दो साथियों कपिल और दीपक के साथ मिलकर संतोष के सामने ही सभी के गले काट दिए थे।

आज सुबह से ही कोर्ट में इस फैसले का इंतजार किया जा रहा था। दोपहर 12 बजे भारी पुलिस जाब्ते के बीच आरोपी संतोष संध्या शर्मा और उसके प्रेमी हनुमान को कोर्ट लाया गया। संतोष ने अपना पूरा चेहरा ढक रखा था तो हनुमान ने मास्क लगा रखा था। सवा बारह बजे दोनों को कोर्ट रूम में लाया गया। फैसले के इंतजार में 30 से ज्यादा वकील वहां मौजूद थे। पुलिस घेरे में संतोष और हनुमान सबसे आखिर में खड़े थे। संतोष और हनुमान को आगे बुलाया गया। उनसे एक कागज पर साइन करवाए गए। इस दौरान दोनों के हाथ कांप रहे थे। जैसे ही साइन हुए 12.18 बजे कोर्ट ने फैसला सुनाया- संतोष और हनुमान को आजीवन कारावास।
फांसी की मांग थी, हाईकोर्ट में करेंगे अपील
वकील सुनील कुमार ने बताया कि हनुमान और संतोष को आजीवन कारावास की सजा मिली है। हमारे द्वारा फांसी की सजा की दलील रखी गई थी, क्योंकि ये रेयरेस्ट केस में आता है। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे और आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि संतोष और हनुमान का लव अफेयर था। इसके बारे में परिवार को पता चल गया था। इसके बाद ही इन दोनों ने मर्डर की प्लानिंग रची।

जैसा हत्याकांड था उसके अनुसार फैसला नहीं
जांच अधिकारी विनोद सांवरिया ने फैसले के बाद कहा कि इस ब्लाइंड मर्डर में काफी मेहनत से काम किया और इसका खुलासा किया था। जैसा हत्याकांड था उसके अनुसार फैसला नहीं है। आरोपियों को सजा-ए-मौत होनी थी।
सजा के बाद भी कोई शिकन नहीं
मीडियाकर्मियों ने संतोष से सवाल पूछा- क्या आपको अफसोस है, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जब पूछा गया कि आप इस केस में कुछ बोलना चाहती हैं तो…..मगर तब तक पुलिसकर्मी उसे कोर्ट में ले गए। सजा सुनने के बाद दोनों के चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी।
संतोष ताइक्वांडो ट्रेनर थी। पुलिस जांच में सामने आया कि संतोष गरीबी के कारण अपने पति और बच्चों को पसंद नहीं करती थी।
हत्याकांड की 2016 में प्लानिंग हो गई थी शुरू
इस हत्याकांड की प्लानिंग 2016 में ही शुरू हो गई थी, जब संतोष के पति बनवारीलाल शर्मा और बड़े बेटे मोहित को संतोष के अफेयर के बारे में पता चला था। संतोष की करतूत सामने आने के बाद पति और बेटा उसे बाहर जाने के लिए टोकते थे। इतना ही नहीं पति और बेटे की रोक-टोक से वह इतनी परेशान हो गई थी कि हनुमान के साथ मिलकर पति और बड़े बेटे को मारने का प्लान बनाया। लेकिन, हत्या के दौरान जब दूसरे बच्चे भी नींद से जागने लगे तो हनुमान ने उनके भी गले काट दिए थे।

संतोष ने घर में दी थी एंट्री, भागने में की मदद
इस हत्याकांड की पूरी प्लानिंग संतोष और हनुमान ने ही की थी। कब, कैसे मारना है और हत्या के बाद कहां फरार होना है, सबकुछ पहले से तय था। हत्या से पहले सभी को रायते में नींद की गोली मिलाकर दी थी, जो हनुमान लेकर आया था। नींद की गोली देने के बाद हनुमान को कॉल कर संतोष ने बताया भी था कि सभी सो गए हैं। रात एक बजे करीब हनुमान अपने साथियों के साथ पहुंचा तो संतोष ने गेट खोला और इशारा करते हुए बताया कि उसका पति बनवारी कहां सो रहा है।
हत्या के बाद संतोष ने ही आरोपियों काे भागने में मदद की थी। आरोपी संतोष की स्कूटी लेकर फरार हुए थे और उसने 3 हजार रुपए भी दिए थे। लेकिन, पुलिस ने कॉल डिटेल से पूरे मामले का खुलासा करते हुए अगले दिन ही इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पकड़ लिया था।
खुलासा होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट पेश की और मामला ट्रायल कोर्ट में चला। अब 6 साल बाद इस हत्याकांड का फैसला आया और सभी पर आरोप साबित हुए। सोमवार को सरकारी वकील की ओर से फांसी की सजा देने की दलील रखी गई थी।
रातभर गले कटी 5 लाशों के पास बैठी रही
अलवर में 2017 का सबसे चर्चित हत्याकांड जब एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति, 3 बेटों और 1 भतीजे की हत्या कर दी थी। आरोपी महिला संतोष के सामने ही उसके परिवार के 5 सदस्यों की जानवरों को काटने वाले छुरे से गला काटकर हत्या कर दी और वो बेशर्म खड़ी सबकुछ देखती रही। इतना ही नहीं संतोष रातभर अपने ही परिवार के 5 सदस्यों की गले कटी लाशों के पास बैठी रही। संतोष का प्रेमी हनुमान उम्र में उससे 10 साल छोटा है।
