राजस्थान: सरकारी कर्मचारियों का 4% डीए बढ़ा, गहलोत सरकार ने महंगाई भत्ता 38 से बढ़ाकर 42 फीसदी किया
एनसीआई@जयपुर
केन्द्र सरकार के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (DA) चार फीसदी बढ़ा दिया है। अब डीए 38 से बढ़कर 42 फीसदी हो गया है। वित्त विभाग ने कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के करीब आठ लाख कर्मचारियों और चार लाख पेंशनर्स को बढ़े हुए डीए का फायदा मिलेगा।
बढ़ा हुआ डीए 1 जनवरी से मिलेगा। जनवरी से मार्च तक के तीन महीने का डीए कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जमा होगा। अप्रेल से बढ़ा हुआ डीए सेलरी के साथ मिलेगा। वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी बढ़े हुए डीए का फायदा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि हर छह महीने बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए बढ़ाया जाता है। केन्द्र सरकार के डीए बढ़ाते ही राज्य सरकार भी डीए बढ़ाती रही है।
केंद्रीय कर्मचारियों के अनुरूप राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स को 1 जनवरी 2023 से 38% के स्थान पर 42% महंगाई भत्ता देय होगा। कर्मचारियों को संबल देने के लिए राज्य सरकार सालाना करीब 1640 करोड़ रूपए वहन करेगी।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) March 25, 2023
1640 करोड़ रुपए का बढ़ेगा भार
सीएम गहलोत ने घोषणा के बारे में ट्वीट करते हुए बताया- इससे राज्य सरकार सालाना करीब 1640 करोड़ रुपए वहन करेगी। इस निर्णय से लगभग 8 लाख कर्मचारियों एवं 4.40 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स के अतिरिक्त पंचायत समिति तथा जिला परिषद के कर्मचारियों को भी देय होगा।
30 अक्टूबर को भी बढ़ा था डीए
इससे पहले 30 अक्टूबर को भी 4 फीसदी महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जुलाई 2022 से 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाना था। उससे पहले 34 फीसदी डीए मिल रहा था।
कर्मचारियों से जुड़े फैसले तुरंत कर रही सरकार
राजस्थान में पिछले बजट से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की गई थी। कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर सरकार तत्काल फैसले कर रही है। ओल्ड पेंशन स्कीम कई राज्यों में मुद्दा बन चुकी है। सीएम अशोक गहलोत कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों में तुरंत फैसले किए जाएंगे। कर्मचारियों के डीए बढ़ाने के केन्द्र के फैसले के बाद राज्य भी उसी दिन या अगले दिन आदेश जारी करते रहे हैं।
